
सारंगढ़-बिलाईगढ़ प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के तहत मछुआरों और मत्स्य पालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार कई सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। योजना के अंतर्गत सामान्य वर्ग को परियोजना लागत का 40 प्रतिशत, जबकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला हितग्राहियों को 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।
5 लाख रुपये तक का मुफ्त दुर्घटना बीमा
योजना के तहत मत्स्य पालकों के लिए निःशुल्क सामूहिक दुर्घटना बीमा भी संचालित किया जा रहा है। दुर्घटना में मृत्यु होने पर 5 लाख रुपये, स्थायी या आंशिक दिव्यांगता की स्थिति में 2.50 लाख रुपये तथा दुर्घटना के कारण अस्पताल में भर्ती होने पर 25 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस बीमा का पूरा प्रीमियम केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वहन करती हैं।
मछुआरों की आय बढ़ाने पर जोर
मत्स्य पालन विभाग के अनुसार, योजना का उद्देश्य देश में नीली क्रांति को बढ़ावा देना, मछली उत्पादन में वृद्धि करना, आधुनिक तकनीकों को अपनाना और मछुआरों की आय बढ़ाना है। इसके साथ ही कोल्ड स्टोरेज, आइस प्लांट जैसी अधोसंरचना विकसित कर रोजगार के नए अवसर भी सृजित किए जा रहे हैं।
परिवारों के लिए बना सुरक्षा कवच
योजना के तहत पात्र मत्स्य पालकों का बीमा राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (एनएफडीबी) के सहयोग से कराया जाता है। दुर्घटना की स्थिति में बीमा राशि सीधे हितग्राही या उनके नामांकित व्यक्ति को प्रदान की जाती है। इससे मत्स्य पालन से जुड़े परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिल रही है और वे अधिक आत्मविश्वास के साथ इस व्यवसाय से जुड़ रहे हैं।
मत्स्य पालन विभाग ने बताया कि योजना का उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना ही नहीं, बल्कि मछुआरों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को भी सुनिश्चित करना है। सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक पात्र हितग्राही इस योजना का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनें।

















