
इंडोनेशिया के फ्लोरेस क्षेत्र में शनिवार सुबह आए 7.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई। हादसे में कम से कम 51 लोगों की मौत हुई है, जबकि 100 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं।
भूकंप सुबह करीब छह बजे आया, जिसके झटकों से कई मकान ढह गए और अलग-अलग इलाकों में भूस्खलन हुआ। करीब 900 मकान पूरी तरह नष्ट हो गए, जबकि लगभग 5 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया गया है।
भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी, जिसे बाद में वापस ले लिया गया। भूस्खलन के कारण करीब 700 किलोमीटर लंबे ट्रांस-फ्लोरेस हाईवे के कई हिस्सों में यातायात बाधित है। बिजली और संचार सेवाएं प्रभावित होने से राहत एवं बचाव कार्य में भी मुश्किलें आ रही हैं।
मंगराई, ईस्ट मंगराई और नगेकेओ समेत प्रभावित क्षेत्रों में बचाव दल मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। भूकंप के बाद 235 से अधिक आफ्टरशॉक्स दर्ज किए गए, जिनमें सबसे शक्तिशाली झटका 6.2 तीव्रता का था।
लगातार आफ्टरशॉक्स और भूस्खलन के बीच राहत एवं बचाव दल प्रभावित इलाकों तक जरूरी सहायता पहुंचाने और मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटे हैं।
इंडोनेशिया प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित होने के कारण भूकंप और ज्वालामुखीय गतिविधियों के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है। फ्लोरेस क्षेत्र में 1992 में आए भूकंप और सुनामी ने भी भारी तबाही मचाई थी, जिसमें करीब 2,500 लोगों की जान गई थी।














