
आंगनबाड़ियों में पौष्टिक लड्डू वितरण योजना की भी शुरुआत, मंत्रियों ने बच्चों को अपने हाथों से परोसा नाश्ता
नारायणपुर जिले में बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए नई पहल शुरू की गई है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के तहत जिले के प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले 13 हजार से अधिक बच्चों को अब रोजाना मुफ्त पौष्टिक नाश्ता दिया जाएगा। इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को कुपोषण से दूर रखने के उद्देश्य से पौष्टिक लड्डू वितरण कार्यक्रम की भी शुरुआत की गई है।
जिले के प्रभारी मंत्री टंक राम वर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप ने दोनों योजनाओं का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों को अपने हाथों से पौष्टिक नाश्ता परोसकर उनका उत्साहवर्धन किया।
476 स्कूलों के 13,015 बच्चों को मिलेगा लाभ
पौष्टिक नाश्ता योजना नारायणपुर और ओरछा (अबूझमाड़) विकासखंड के 476 विद्यालयों में लागू की जा रही है। इससे कुल 13,015 विद्यार्थी सीधे लाभान्वित होंगे।
योजना के तहत प्रत्येक बच्चे को प्रतिदिन 150 ग्राम ताजा और पौष्टिक नाश्ता दिया जाएगा। बच्चों के स्वाद और पोषण को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग दिनों के लिए मेन्यू तैयार किया गया है। इसमें पोहा-फलीदाना, सूजी का उपमा, दलिया, चना, खड़ा मूंग और मूंगफली जैसे पौष्टिक एवं प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थ शामिल हैं।
676 रसोइयों को मिलेगा अतिरिक्त मानदेय
योजना के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले 676 रसोइयों को प्रतिमाह 800 रुपये का अतिरिक्त मानदेय भी दिया जा रहा है। इससे नाश्ता तैयार करने की व्यवस्था को मजबूत करने के साथ रसोइयों का मनोबल बढ़ाने का प्रयास किया गया है।
स्कूलों में उपस्थिति बढ़ाने में भी मिलेगी मदद
प्रशासन का मानना है कि यह पहल बच्चों को कुपोषण से बचाने के साथ-साथ दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों के स्कूलों में उपस्थिति बढ़ाने और बच्चों के स्कूल में ठहराव को बेहतर करने में भी मददगार साबित होगी। पौष्टिक आहार मिलने से बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़े रखने में भी सहायता मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षक, ग्रामीण और बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे मौजूद रहे।
















