
रायपुर की विशेष NDPS अदालत ने सुनाया फैसला, मध्यप्रदेश के आरोपी को दोषी ठहराया
रायपुर में 18 किलो गांजा तस्करी के मामले में अदालत ने आरोपी को 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश NDPS एक्ट किरण थवाईत की अदालत ने आरोपी राज नामदेव को दोषी ठहराते हुए उस पर 1 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
18 किलो गांजा के साथ पकड़ा गया था आरोपी
मामला 18 जून 2024 का है। टिकरापारा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक युवक अवैध रूप से गांजा लेकर जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ा।
आरोपी की पहचान राज नामदेव (21), पिता ब्रिजेश नामदेव, निवासी गुप्तेश्वर मंदिर, किले के अंदर, थाना सिटी कोतवाली, जिला विदिशा (मध्यप्रदेश) के रूप में हुई थी। पुलिस ने उसके कब्जे से 18 किलोग्राम गांजा बरामद किया था, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 3.60 लाख रुपये बताई गई।
NDPS एक्ट के तहत दर्ज हुआ था मामला
इस मामले में टिकरापारा थाने में अपराध क्रमांक 480/2024 दर्ज किया गया था। आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 20(बी) के तहत कार्रवाई की गई। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में चालान पेश किया।
पुलिस के मुताबिक, मामले में की गई विवेचना और न्यायालय में प्रभावी पैरवी के बाद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी माना।
11 सितंबर 2026 को विशेष न्यायाधीश NDPS एक्ट, रायपुर की अदालत ने राज नामदेव को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 1 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।

















