छत्तीसगढ़ के चारों प्रमुख जलाशय लबालब, गंगरेल के सभी 14 गेट खुले

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रायपुर/गरियाबंद । छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं और प्रमुख जलाशयों में पानी की आवक तेजी से बढ़ रही है। गंगरेल बांध के सभी 14 गेट खोल दिए गए हैं, जबकि गरियाबंद के सिकासार जलाशय के भी सभी 12 गेट 3-3 फीट तक खोले गए हैं। जलाशयों से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण महानदी समेत कई नदी तंत्रों में जलस्तर बढ़ रहा है।

गंगरेल 100% के करीब, 2 लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा जा रहा

धमतरी के गंगरेल जलाशय में जलभराव लगभग 100 प्रतिशत पहुंचने के बाद सुरक्षा और जल प्रबंधन के लिए सभी 14 रेडियल गेट खोल दिए गए। 25 सितंबर की सुबह बांध में करीब 64,117 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की गई थी।

बढ़ती आवक के साथ पानी की निकासी भी बढ़ाई गई। बाद की रिपोर्टों में महानदी में करीब 2.06 लाख क्यूसेक से लेकर 2.5 लाख क्यूसेक तक पानी छोड़े जाने की जानकारी सामने आई है। इसके चलते महानदी के तटीय और निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ाई गई है।

सिकासार के सभी 12 गेट खुले

गरियाबंद के सिकासार जलाशय में भी लगातार पानी की आवक हो रही है। 25 सितंबर की स्थिति में जलाशय में 179.28 मिलियन घन मीटर पानी था, जबकि इसकी कुल क्षमता 198.82 मिलियन घन मीटर है। जलाशय का जलस्तर 1330 फीट और जलभराव 89.32 प्रतिशत दर्ज किया गया।

बढ़ती आवक को देखते हुए सभी 12 गेट करीब 3 फीट तक खोल दिए गए हैं। जलाशय में करीब 34 हजार क्यूसेक पानी की आवक के मुकाबले लगभग 20 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।

मुरुमसिल्ली 100%, दुधावा 97% से ज्यादा भरा

25 सितंबर की सुबह की स्थिति के अनुसार राज्य के प्रमुख जलाशयों में जलभराव इस तरह रहा—

  • गंगरेल: 99.01 प्रतिशत
  • मुरुमसिल्ली: 100 प्रतिशत
  • दुधावा: 97.36 प्रतिशत
  • सोंढूर: 89.42 प्रतिशत

इस दौरान मुरुमसिल्ली से करीब 7,558 क्यूसेक, दुधावा से 16,762 क्यूसेक और सोंढूर से करीब 42,570 क्यूसेक पानी नदी तंत्रों की ओर छोड़े जाने की जानकारी सामने आई।

नदी-नालों में बढ़ा जलस्तर, कई रास्ते प्रभावित

लगातार बारिश और जलाशयों से पानी छोड़े जाने के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी है, जबकि कुछ रास्तों और पुल-पुलियों पर पानी आने से आवागमन प्रभावित हुआ है।

धमतरी जिले में भी 25 सितंबर को भारी बारिश के बाद कई पुल-पुलियों और रपटों के ऊपर पानी आने से संपर्क प्रभावित होने की रिपोर्ट सामने आई थी।

प्रशासन ने लोगों को किया अलर्ट

बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी, नाले, रपटों, पुल-पुलियों और जलाशयों के आसपास जाने से बचने की अपील की है। तेज बहाव वाले पानी में उतरने से भी मना किया गया है।

जलभराव वाले रास्तों पर वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने और पुल-पुलिया के ऊपर पानी बहने की स्थिति में उसे पार नहीं करने की सलाह दी गई है। निचले और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से स्थिति पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

लगातार बारिश से बढ़ी चिंता

एक साथ कई प्रमुख जलाशयों के लगभग भर जाने और बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने से महानदी और उससे जुड़े नदी तंत्रों में जलस्तर बढ़ रहा है। प्रशासन और जल संसाधन विभाग पानी की आवक-जावक और नदी-नालों के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

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