
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर नवा रायपुर में 1 से 3 नवंबर तक आयोजित होने वाले तीन दिवसीय राज्योत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने आयोजन स्थल पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और अधिकारियों से तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने और आयोजन को सुव्यवस्थित बनाने के निर्देश दिए।
आगंतुकों की सुविधा और सुरक्षा पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि राज्योत्सव केवल स्थापना दिवस का कार्यक्रम नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान, परंपराओं और विकास यात्रा को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर है।
उन्होंने अधिकारियों को प्रवेश और निकास, आवागमन, पार्किंग, पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और बैठक व्यवस्था सहित सभी जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए आयोजन के दौरान लगातार निगरानी रखने को कहा।
लोककला और जनजातीय परंपराओं को मिलेगा मंच
मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध लोकसंस्कृति, जनजातीय परंपराओं, लोकनृत्यों, लोकगीतों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों से है। बस्तर से सरगुजा तक फैली सांस्कृतिक विविधता को राज्योत्सव के माध्यम से व्यापक मंच मिलेगा।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन लोक कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देते हैं। साथ ही नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों और परंपराओं से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विकास यात्रा और उपलब्धियों का होगा प्रदर्शन
राज्योत्सव में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत के साथ राज्य गठन के बाद हुई विकास यात्रा और विभिन्न क्षेत्रों की उपलब्धियों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सांस्कृतिक अस्मिता को संरक्षित रखते हुए प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रयासरत है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में पर्यटन और संस्कृति के क्षेत्र में मौजूद संभावनाओं को आगे बढ़ाने तथा छत्तीसगढ़ की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
तीन दिनों तक होंगे सांस्कृतिक आयोजन
नवा रायपुर में 1 से 3 नवंबर तक आयोजित होने वाला राज्योत्सव प्रदेश की कला, संस्कृति, परंपराओं और विकास उपलब्धियों को समर्पित रहेगा। मंत्री राजेश अग्रवाल ने अधिकारियों को सभी तैयारियों का अंतिम परीक्षण करने और विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना सभीकी सामूहिक जिम्मेदारी है।
















