राजनांदगांव । राजनांदगांव जिले में एक करोड़ के इनामी सीसीएम नक्सली रामधेर मज्जी ने अपने 11 साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। यह सरेंडर सोमवार सुबह बकरकट्टा थाना क्षेत्र के कुम्ही गांव में हुआ। सभी नक्सलियों ने हथियार रखकर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया। सुरक्षा एजेंसियों ने इसे नक्सली ढांचे पर बड़ा और निर्णायक आघात बताया है।
दोपहर 1 बजे पुलिस लाइन राजनांदगांव में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और गृहमंत्री विजय शर्मा प्रेस वार्ता करेंगे। उनके साथ डीजीपी अरुण देव गौतम और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे।
सरेंडर किया समूह MMC महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ स्पेशल जोनल कमेटी का हिस्सा था। यह ग्रुप तीन राज्यों के छह जिलों में सक्रिय था। रामधेर मज्जी ने AK-47 के साथ समर्पण किया, जिसे नक्सल संगठन के भीतर अब तक की सबसे बड़ी टूट माना जा रहा है।
उसके साथ DVCM रैंक के चंदू उसेंडी, ललिता, जानकी और प्रेम ने भी आत्मसमर्पण किया। इन सभी के पास AK-47 और इंसास रायफलें मिलीं। ACM स्तर के रामसिंह दादा और सुकेश पोट्टम ने भी हथियार डाले। महिला मिलिशिया की लक्ष्मी, शीला, योगिता, कविता और सागर ने भी समर्पण किया। पुलिस ने AK-47, इंसास, SLR, 303 और 30 कार्बाइन जैसे हथियार बरामद किए हैं।
MMC स्पेशल जोन लगभग निष्क्रिय
इस समर्पण के बाद MMC स्पेशल जोन लगभग निष्क्रिय माना जा रहा है। सभी 12 माओवादी पुलिस कस्टडी में हैं और पूछताछ जारी है। पुलिस जल्द ही पूरे ऑपरेशन और नक्सली नेटवर्क से जुड़ी जानकारी साझा करेगी।
इससे पहले MMC जोन के प्रवक्ता अनंत ने गोंदिया में आत्मसमर्पण किया था। वहीं बालाघाट में सुरेंद्र सहित नौ नक्सली पिछले ही दिन हथियार डाल चुके हैं। लगातार हो रहे सरेंडर से नक्सली संगठन की जमीनी पकड़ कमजोर पड़ रही है और सुरक्षा बलों की रणनीति असर दिखा रही है।
























