
नई दिल्लीCockroach Janta Party (CJP) के नेतृत्व में शुरू हुआ छात्र आंदोलन अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, परीक्षा सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हजारों छात्र दिल्ली के जंतर-मंतर और संसद क्षेत्र के आसपास प्रदर्शन कर रहे हैं।
यह आंदोलन मई 2026 में सोशल मीडिया पर शुरू हुआ था और धीरे-धीरे सड़कों तक पहुंच गया। हाल के दिनों में सोनम वांगचुक के समर्थन और पुलिस कार्रवाई के बाद आंदोलन को और गति मिली। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और युवाओं के लिए जवाबदेही चाहते हैं।
संसद के मानसून सत्र के दौरान प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा बढ़ा दी गई। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प के दौरान आंसू गैस और लाठीचार्ज की घटनाएं भी सामने आईं। इसके बावजूद आंदोलन जारी है और देशभर से भोजन, दवाइयों व अन्य जरूरी सामान की मदद पहुंच रही है।
सरकार ने कहा है कि वह युवाओं की वास्तविक चिंताओं पर चर्चा के लिए तैयार है, हालांकि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अब तक कोई सहमति नहीं बनी है।


















