
बीजापुर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत चल रहे सड़क निर्माण कार्यों में कथित अवैध वसूली के आरोपों को लेकर बीजापुर में विवाद गहराता जा रहा है। छत्तीसगढ़ कॉन्ट्रैक्टर्स एसोसिएशन ने इस मामले में छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण (CGRRDA) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए बीजापुर के कार्यपालन अभियंता (ईई) और जगदलपुर के अधीक्षण अभियंता (एसई) को हटाने की मांग की है।
ठेकेदारों ने लगाए गंभीर आरोप
एसोसिएशन का आरोप है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत गांवों को मुख्य सड़कों से जोड़ने वाले निर्माण कार्यों में अधिकारियों द्वारा ठेकेदारों पर अवैध वसूली का दबाव बनाया जा रहा है। ठेकेदारों का कहना है कि विकास कार्यों को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने के बजाय विभागीय अधिकारी बाधाएं पैदा कर रहे हैं।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि बीजापुर के ईई नवीन तोड़ें द्वारा निर्माण कार्य स्वीकृत इस्टीमेट और तय मात्रा से अधिक कराया जा रहा है। साथ ही भुगतान जारी करने के बदले 5 प्रतिशत “एडवांस कमीशन” मांगे जाने की बात भी कही गई है।
निष्पक्ष जांच की मांग
छत्तीसगढ़ कॉन्ट्रैक्टर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष बीरेश शुक्ला ने कहा कि राज्य सरकार की विकास योजनाओं को सफल बनाने के लिए पारदर्शिता जरूरी है। उन्होंने मांग की कि जिन अधिकारियों पर आरोप लगे हैं, उन्हें तत्काल हटाकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
नक्सल प्रभावित क्षेत्र में निर्माण प्रभावित होने की आशंका
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि बस्तर क्षेत्र में पहले नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों के सहयोग से सड़क निर्माण कार्य पूरे किए गए थे। ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण निर्माण और समय पर भुगतान बेहद आवश्यक है, ताकि विकास कार्य प्रभावित न हों।
CGRRDA ने शासन को भेजा पत्र
वहीं CGRRDA के सीईओ ने बताया कि बीजापुर के ईई को हटाने के संबंध में शासन को पत्र भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता और मापदंडों के अनुरूप पाए जाते हैं, तो ठेकेदारों को समय पर भुगतान किया जाएगा।



















