
रायपुर– द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), छत्तीसगढ़ राज्य केंद्र द्वारा शनिवार दिनांक 25 जुलाई 2026 को “भारत में जल का महत्व और उसका प्रबंधन, वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग)” विषय पर एक तकनीकी परिचर्चा का आयोजन जे एन पाण्डेय, शासकीय बहुउद्देशीय विद्यालय, बैरन बाजार रायपुर में किया गया|
कार्यक्रम में श्री एम आर सावंत, पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी, प्रोफेसर आलोक शर्मा, पूर्व प्राचार्य, शिक्षक शिक्षण महाविद्यालय, श्रीमति सुचिता पाण्डेय, प्राचार्य,जे एन पाण्डेय शासकीय बहुउद्देशीय विद्यालय बैरन बाजार रायपुर विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर डॉ. आर पी देवांगन, पूर्व उपमहाप्रबंधक सेल/ भिलाई इस्पात संयंत्र विशिष्ट अतिथि वक्ता थे| कार्यक्रम की अध्यक्षता द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) की छत्तीसगढ़ केंद्र के अध्यक्ष श्री पुनीत चौबे ने की।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) की छत्तीसगढ़ शाखा के अध्यक्ष श्री पुनीत चौबे ने अपने स्वागत उद्बोधन में द इंस्टीट्यूशन आफ इंजीनियर्स की गतिविधियों और उद्देश्यों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। श्री चौबे ने उपस्थित अतिथियों और विद्यार्थियों से आव्हान किया कि,
पृथ्वी पर उपलब्ध जल की मात्रा और गुणवत्ता को बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी भी है और नैतिक दायित्व है।
विशिष्ट अतिथि वक्ता डॉ. आर पी देवांगन ने अपने पॉवर पॉइंट प्रस्तुतीकरण में जल से सम्बंधित सभी मुद्दों को बहुत व्यवहारिक रूप से प्रस्तुत किया | उन्होंने बताया कि,
यदि जल के प्रति हमारा नजरिया उपेक्षापूर्ण रहा तो इसकी हमें आने वाले भविष्य में बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी | डा देवांगन ने कहा कि पानी का सीधा सम्बन्ध हमारे देश के विकास से है | उन्होंने कहा कि वर्षा जल हमारे लिए बहुत महत्त्वपूर्ण है और इसको संरक्षित करना, इसका भंडारण करना तथा इसके माद्यम से भूमिगत जल को रिचार्ज करना हम सभी का दायित्व है | उन्होंने रेन वाटर हार्वेस्टिंग करने की वैज्ञानिक विधि को विस्तारपूर्वक समझाया | डॉ. देवांगन ने चलित मॉडल के माध्याम से भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग को समझाया |
पूर्व प्राचार्य शासकीय शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय एवं प्रोफेसर राज्य शैक्षिक अनुसंधान केंद्र डा आलोक शर्मा ने अपने प्रस्तुतीकरण में आज से 50 वर्ष पश्चात काल्पनिक जल संकट और उपलब्धता की स्थिति से लोगों को अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि,
यदि हम इसी तरह जल का दुरुपयोग करेंगे तब सन 2070 में हमे नहाने के लिए भी जल उपलब्ध नहीं होगा। डॉ. शर्मा ने कहा कि जल की सीमित उपलब्धता से उद्योग बंद हो जायेंगे और सिर्फ जल निर्माण संयंत्र ही रोजगार का साधन बनेंगे। उन्होंने वर्तमान में जल उपयोग के प्रति संवेदनशील होने पर बल दिया ताकि आने वाली पीढ़ी के लिए जल की उपलब्धता सुनिश्चित रहे।
पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी श्री एम आर सावंत ने अपने उद्बोधन में सभी शासकीय भवन , स्कूल तथा अस्पत्तालों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग करने पर बल दिया | उन्होंने उपस्थित बच्चों से आवाहन किया कि,
वह अपने परिवार के सभी सदस्यों को जल के महत्व तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग के विषय में जागरूक करें| श्री एम आर सावंत ने सुझाव दिया कि वर्तमान में शासन सौर उर्जा संयंत्र के लिए सब्सिडी देता है उसी प्रकार रेन वाटर हार्वेस्टिंग हेतु भी सब्सिडी प्रदान करे |
प्राचार्य,जे एन पाण्डेय शासकीय बहुउद्देशीय विद्यालय बैरन बाजार रायपुर श्रीमति सुचिता पाण्डेय ने इतने महत्त्वपूर्ण विषय पर विद्यार्थियों को ज्ञान साझा करने हेतु द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), छत्तीसगढ़ राज्य केंद्र का आभार प्रकट किया और आशा व्यक्त किया तकनीकी विषयों पर भविष्य में इस तरह के ज्ञानवर्धक प्रस्तुतीकरण किये जायेंगे|
कार्यक्रम में वरिष्ट अभियंता श्री प्रेम कृष्ण गर्ग, श्री सत्य भटनागर , श्रीमती पुष्पा चौबे, विद्यालय के सम्मानित संकाय सदस्य एवं विद्यार्थी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती वंदना शर्मा, व्याख्याता, शासकीय बहुउद्देशीय विद्यालय ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन श्री के के वर्मा , पूर्व मानसेवी सचिव द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) , रायपुर ने दिया |



















