
रायपुर। छत्तीसगढ़ की पहली महिला खुली जेल का शुक्रवार को रायपुर केंद्रीय जेल में शुभारंभ किया गया। पुलिस महानिदेशक जेल हिमांशु गुप्ता ने इसका उद्घाटन किया। इस पहल का उद्देश्य महिला बंदियों के सुधार और पुनर्वास के साथ उन्हें रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है।
25 महिला बंदियों के रहने की व्यवस्था
रायपुर केंद्रीय जेल परिसर में शुरू की गई इस खुली जेल में 25 महिला बंदियों के रहने की व्यवस्था की गई है। यहां रहने वाली महिला बंदियों को निर्धारित व्यवस्था के तहत सुबह काम के लिए जेल से बाहर जाने की अनुमति होगी।
दिनभर अपना काम पूरा करने के बाद उन्हें शाम को लॉकअप से पहले वापस जेल लौटना होगा।
सिलाई सेंटर और ब्यूटी पार्लर में मिलेगा रोजगार
महिला बंदियों को जेल की ऊंची दीवारों से बाहर मंदिर के पास स्थित परिसर में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। यहां वे सिलाई सेंटर, ब्यूटी पार्लर और जेल में तैयार उत्पादों के बिक्री केंद्र में काम कर सकेंगी।
इसके अलावा महिला बंदियों के लिए रोजगार के अन्य वैकल्पिक साधन उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था रहेगी।
पुनर्वास और आत्मनिर्भरता पर जोर
खुली जेल की व्यवस्था के जरिए महिला बंदियों को जेल से बाहर नियंत्रित वातावरण में काम करने और रोजगार से जुड़ने का अवसर मिलेगा। इसका उद्देश्य उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के साथ समाज की मुख्यधारा में लौटने के लिए तैयार करना है।


















