
जन्माष्टमी पर आधी रात को सजेगा मथुरा का कारागार, हथकड़ी में नजर आएंगे देवकी-वासुदेव और कंस की गर्जना से गूंजेगा बंदी गृह
रायपुर जन्माष्टमी के अवसर पर रायपुर के थाना सिटी कोतवाली के बंदी गृह में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा का अनोखा मंचन किया जाएगा। कृष्ण मित्र फाउंडेशन और सिटी कोतवाली पुलिस स्टाफ के सहयोग से बंदी गृह को मथुरा के कारागार का स्वरूप दिया जा रहा है। आयोजन को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।
4 सितंबर की मध्यरात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का दृश्य प्रस्तुत किया जाएगा। नाट्य मंचन में माता देवकी और वासुदेव को हथकड़ियों में दिखाया जाएगा, जबकि कंस की गर्जना से कारागार का वातावरण जीवंत किया जाएगा। कृष्ण जन्म के बाद कारागार के दरवाजे अपने आप खुलने और पहरेदारों के बेसुध होने का प्रसंग भी मंचित होगा।
इसके बाद वासुदेव भगवान श्रीकृष्ण को टोकरी में लेकर शेषनाग की छत्रछाया में गोपाल मंदिर की ओर रवाना होंगे। सदर बाजार स्थित गोपाल मंदिर में श्रद्धालुओं को भगवान के दर्शन कराए जाएंगे। इस पूरे प्रसंग को पारंपरिक धार्मिक कथा के अनुरूप मंचित करने की तैयारी है।
कृष्ण मित्र फाउंडेशन के अध्यक्ष माधव लाल यादव के अनुसार, यह आयोजन लगातार 11वें वर्ष किया जा रहा है। जन्माष्टमी पर भगवान को 56 भोग, पंजीरी, फल-फूल और मेवा अर्पित किए जाएंगे। इसके साथ भजन-कीर्तन, महाआरती और महाप्रसाद वितरण का भी आयोजन होगा।
आयोजन में कारागार की सजावट की जिम्मेदारी अचला स्वामी, खुशी झंवर और रिया यादव को दी गई है। वासुदेव की भूमिका सुनील यादव, देवकी की भूमिका हेमलता यादव और कंस की भूमिका रंगमंच कलाकार डॉ. पुरुषोत्तम चंद्राकर निभाएंगे। शोभायात्रा और गोपाल मंदिर दर्शन की व्यवस्था गोवर्धन झंवर, ऋषभ लोया, रतन बैद और संजय चंद्राकर संभालेंगे। जन्माष्टमी की यह प्रस्तुति श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहने की उम्मीद है।














