लगातार बारिश के बीच नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन हाई अलर्ट

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सारंगढ़-बिलाईगढ़ । प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण नदी-नालों और जलाशयों का जलस्तर बढ़ रहा है। संभावित बाढ़ और जलभराव की स्थिति को देखते हुए सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला प्रशासन ने बाढ़ नियंत्रण व्यवस्था सक्रिय कर दी है। संवेदनशील और निचले इलाकों में निगरानी बढ़ाने के साथ राहत एवं बचाव की तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं।

कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार और मैदानी अमले को संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने एसडीएम और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर बारिश और बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की और जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

कलमा बैराज के सभी 66 गेट खुले

जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता जेएस वारे के अनुसार, 26 सितंबर शाम 4 बजे कलमा बैराज का जलस्तर 195.85 मीटर दर्ज किया गया। बैराज का पूर्ण जलाशय स्तर 197 मीटर और खतरे का जलस्तर 198.50 मीटर है।

वर्तमान में बैराज के सभी 66 गेट पूरी तरह खुले हैं। यहां पानी की आवक और जावक करीब 4,960.623 घन मीटर प्रति सेकंड यानी 1,75,159.59 क्यूसेक दर्ज की गई। दोपहर 2 बजे जलस्तर 195.50 मीटर था, जो दो घंटे में बढ़कर 195.85 मीटर हो गया।

वहीं हीराकुंड जलाशय के 16 गेट खुले हैं और वहां से करीब 3,00,432 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की जानकारी दी गई है। जलस्तर और जलप्रवाह को देखते हुए संबंधित विभाग लगातार निगरानी कर रहे हैं।

22 बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मुनादी

साराडीह बैराज के साथ नदी किनारे बसे गांवों और निचले क्षेत्रों पर भी प्रशासन की नजर है। सरिया क्षेत्र के 22 बाढ़ प्रभावित इलाकों में ग्रामवार मुनादी कराकर लोगों को नदी-नालों से दूर रहने और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सतर्क रहने की जानकारी दी गई है।

सारंगढ़ एसडीएम उमेश ने बताया कि संबंधित गांवों के पंच, सरपंच और जनप्रतिनिधियों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। फिलहाल जिले में बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में बताई गई है।

बिलाईगढ़ और भटगांव में भी निगरानी

बिलाईगढ़ एसडीएम ऋचा सिंह ने बताया कि बिलाईगढ़ और भटगांव क्षेत्र में महानदी किनारे स्थित बाढ़ प्रभावित इलाकों में जलस्तर और संभावित बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। मैदानी अमले को सक्रिय रखा गया है। फिलहाल दोनों क्षेत्रों में स्थिति नियंत्रण में है।

वहीं बरमकेला तहसीलदार कोमल साहू के अनुसार, लात नाला पुल और तिमरलगा-बरमकेला मार्ग पर फिलहाल आवागमन प्रभावित नहीं है। कोटवारों के माध्यम से गांवों में मुनादी कराकर लोगों को नदी किनारे नहीं जाने और तेज बहाव से सावधान रहने की अपील की गई है।

जिला स्तर पर कंट्रोल रूम शुरू

संभावित बाढ़ या जलभराव की स्थिति में तत्काल सूचना और सहायता उपलब्ध कराने के लिए जिला स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। नागरिक 07788-299016 पर सूचना दे सकते हैं।

इसके अलावा तहसीलों और नगर पंचायतों में भी जरूरत के अनुसार नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि स्थानीय स्तर पर लोगों को तत्काल सहायता मिल सके।

नदी-नालों के पास नहीं जाने की अपील

लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों से उफनते नदी-नालों, तेज बहाव वाले स्थानों और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की है। जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी या किसी आपात स्थिति की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित नियंत्रण कक्ष को सूचना देने को कहा गया है।

प्रशासन के मुताबिक जलाशयों, बैराजों, नदी-नालों और संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव की कार्रवाई तत्काल शुरू की जाएगी।

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