
नई दिल्ली। नीति आयोग के उपाध्यक्ष Suman Bery ने कहा है कि भारत के कृषि क्षेत्र में विकास की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन इसे आगे बढ़ाने के लिए नवाचार और उच्च उत्पादकता बेहद जरूरी है।
उन्होंने नई दिल्ली में जम्मू-कश्मीर में बागवानी विकास से जुड़ी एक रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि कृषि अब एक उभरता हुआ क्षेत्र है, जो देश के विकास लक्ष्यों को हासिल करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
कृषि में बदलाव की जरूरत
सुमन बेरी ने कहा कि केवल रोजगार बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि श्रम उत्पादकता और किसानों की वास्तविक आय बढ़ाना भी जरूरी है। इसके लिए कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन को अपनाना होगा।
उन्होंने अनाज, बागवानी और पशुपालन जैसे क्षेत्रों के बीच स्पष्ट अंतर करने और हर क्षेत्र के लिए अलग रणनीति बनाने पर जोर दिया।
वैश्विक मॉडल से सीख
उन्होंने नीदरलैंड का उदाहरण देते हुए कहा कि छोटा देश होने के बावजूद वह दुनिया के बड़े कृषि निर्यातकों में शामिल है। इसी तरह के मॉडल भारत, खासकर जम्मू-कश्मीर जैसे क्षेत्रों में अपनाए जा सकते हैं।
सतत विकास पर जोर
नीति आयोग का मानना है कि भूमि और श्रम की उत्पादकता बढ़ाकर ही कृषि क्षेत्र में स्थायी आर्थिक विकास सुनिश्चित किया जा सकता है।
यह बयान इस बात की ओर संकेत करता है कि आने वाले समय में भारत की कृषि को आधुनिक, तकनीक आधारित और अधिक उत्पादक बनाने पर जोर दिया जाएगा।



















