
नई दिल्ली। भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) ने 11 अप्रैल को अपने 10 साल पूरे कर लिए हैं। इस एक दशक में देश में डिजिटल लेनदेन का तरीका पूरी तरह बदल गया है।
रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा उपयोग
एनालिटिक्स फर्म ट्रैक्सन के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में
- 218.98 अरब लेनदेन हुए
- कुल मूल्य 285 लाख करोड़ रुपये रहा
यह आंकड़े दिखाते हैं कि UPI अब भारत में भुगतान का सबसे बड़ा माध्यम बन चुका है।
महामारी के बाद तेजी
कोविड-19 महामारी के दौरान लोगों ने कैश की जगह डिजिटल पेमेंट को अपनाया, जिससे UPI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा और यह हर वर्ग तक पहुंच गया।
हर महीने बन रहा नया रिकॉर्ड
National Payments Corporation of India के मुताबिक, मार्च 2026 में UPI ने अब तक का सबसे ज्यादा मासिक लेनदेन दर्ज किया।
क्यों खास है UPI
- तुरंत और आसान भुगतान
- बिना नकद लेनदेन
- छोटे दुकानदार से लेकर बड़े व्यापार तक उपयोग
आज UPI सिर्फ एक पेमेंट सिस्टम नहीं, बल्कि भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव बन चुका है।



















