
सूरजपुर गांवों तक न्याय और जागरूकता पहुंचाने की दिशा में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा ऊंचडीह और लोधीमा में कानूनी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान न्यायाधीश हिमांशु पण्डा ने ग्रामीणों से कहा कि किसी भी कानूनी समस्या में खुद को कमजोर न समझें, क्योंकि हर नागरिक को निःशुल्क कानूनी सहायता का अधिकार है।
कार्यक्रम में उन्होंने बेहद सरल भाषा में बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से मुफ्त सलाह और सहायता उपलब्ध है, लेकिन जानकारी के अभाव में कई लोग इसका लाभ नहीं उठा पाते।
ग्रामीणों को दी गई महत्वपूर्ण जानकारी
- निःशुल्क विधिक सहायता और सलाह कैसे प्राप्त करें
- NALSA के टोल फ्री नंबर 15100 के माध्यम से मदद
- मोटर व्हीकल एक्ट के तहत लाइसेंस और बीमा की अनिवार्यता
- हेलमेट पहनने और यातायात नियमों के पालन पर जोर
न्यायाधीश पण्डा ने आगामी 9 मई को होने वाली नेशनल लोक अदालत की जानकारी देते हुए बताया कि इसमें कई मामलों का त्वरित और सुलभ समाधान किया जा सकता है। साथ ही वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार, मध्यस्थता और विभिन्न कानूनी योजनाओं के बारे में भी विस्तार से बताया गया।
कार्यक्रम में चौकी प्रभारी योगेंद्र जायसवाल ने डिजिटल ठगी के बढ़ते मामलों को लेकर लोगों को सतर्क किया। उन्होंने अनजान लिंक, ऐप और कॉल से बचने की सलाह दी और कहा कि जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। इसके साथ ही नशा मुक्ति को लेकर भी लोगों से अपील की गई।
गांव के सरपंच, जनप्रतिनिधि, महिलाएं और बड़ी संख्या में ग्रामीण इस कार्यक्रम में शामिल हुए। कुल मिलाकर यह आयोजन सिर्फ जानकारी देने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लोगों में आत्मविश्वास और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का माध्यम बना।



















