
50 हजार की सहायता से शुरू किया स्वरोजगार, आर्थिक चिंता हुई दूर
बीजापुर मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना ने जिले की रहने वाली छबीला यालम के जीवन में नई खुशियां और आत्मविश्वास लेकर आया है। सीमित आय वाले किसान परिवार की बेटी छबीला के लिए यह योजना सम्मानजनक विवाह के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हुई।
आर्थिक परेशानियों के बीच थी शादी की चिंता
ग्राम मेट्टुपल्ली निवासी छबीला के माता-पिता अपनी बेटी को पढ़ाकर आगे बढ़ाना चाहते थे, लेकिन विवाह के बढ़ते खर्च ने परिवार की चिंता बढ़ा दी थी। सामाजिक परंपराओं और अन्य व्यवस्थाओं का खर्च उठाना उनके लिए मुश्किल हो रहा था।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने दी योजना की जानकारी
इसी दौरान क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने परिवार को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के बारे में बताया। जानकारी मिलने के बाद परिवार ने आवेदन किया और योजना का लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी की।
सामूहिक विवाह समारोह में हुई शादी
10 फरवरी 2026 को आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में छबीला का विवाह पूरे रीति-रिवाजों और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुआ। समारोह में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं शासन की ओर से की गईं, जिससे परिवार पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ा।
सहायता राशि से शुरू किया स्वरोजगार
योजना के तहत छबीला को कुल 50 हजार रुपये की सहायता मिली। इसमें उपहार सामग्री और आयोजन व्यय के साथ बैंक खाते में आर्थिक सहायता भी शामिल थी।
मिली राशि से छबीला ने सिलाई मशीन खरीदी और स्वरोजगार शुरू किया। आज वह सिलाई कार्य के माध्यम से आय अर्जित कर रही हैं। आवश्यक खर्च के बाद बची राशि को उन्होंने भविष्य की जरूरतों के लिए सुरक्षित रखा है।
सामाजिक बदलाव का भी माध्यम बनी योजना
यह योजना केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि सामूहिक विवाह के जरिए अनावश्यक खर्च और दहेज जैसी सामाजिक कुरीतियों को कम करने में भी मदद कर रही है। साथ ही समाज में समानता और सहयोग की भावना को बढ़ावा मिल रहा है।



















