
11 लाख से अधिक लोग राहत शिविरों में, पीएम मोदी ने हरसंभव मदद का दिया भरोसा
नई दिल्ली। असम में बाढ़ की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। राज्य के 11 लाख से अधिक लोग राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं। सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट शामिल हैं, जहां राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
14 और लोगों की मौत, कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर
ताजा रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ से जुड़े हादसों में 14 और लोगों की मौत हुई है। इनमें चराइदेव में 7, शिवसागर में 6 और जोरहाट में 1 व्यक्ति की जान गई। इसके साथ ही राज्य में बाढ़ से मरने वालों की कुल संख्या 61 हो गई है। वहीं दिखौ, दिसंग और धनसिरी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे ऊपरी असम में हालात और बिगड़ गए हैं।
राहत और बचाव अभियान जारी
आपदा मोचन बल, जिला प्रशासन और अन्य एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने, फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और बाढ़ प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने में जुटी हैं। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और राहत कार्यों में तेजी लाई गई है।
पीएम मोदी ने सीएम सरमा से की बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से फोन पर बातचीत कर बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री ने राहत कार्यों की प्रगति और जमीनी चुनौतियों की जानकारी ली तथा राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों के लिए केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिया।


















