
गीत-चलो पढ़े ल जाबो
स्कूल खुलगे चल सँगवारी,पढ़े लिखे बर जाबो
ग्यान के दिया जलाके सँगी,अँधियारी ल भगाबो
चलो पढ़े ल जाबो..,जिनगी गढ़े ल जाबो..
पढ़बो लिखबो तब तो सँगी,आघु बढ़बो
तभे तो जिनगी के नवा जी रद्दा गढ़बो
सत अउ असत के भेद जान,अंतस म भरबो
दुनिया ल समझाबो,जब हम खुदे सुधरबो
वर्णमाला अउ अंकगणित के ग्यान ल सुग्घर पाबो
ग्यान के दिया जलाके………
गुरुजी के अनुशासन म,जिनगी ह सँवरही
मुंड़-हउँला म तभे,ग्यान के पानी भरहि
करत-करत अभ्यास म,गलती ह सुधरही
होही बुद्धि बिस्तार,शब्द के कोठी भरही
नवा ठऊर म नवा-नवा जी सँगी चलो बनाबो..
ग्यान के दिया जलाके………..
चलो पढ़े ल जाबो……. जिनगी गढ़े ल जाबो……
✍️ *विरेन्द्र सिंह ठाकुर*
उदघोषक,कवि,व्याख्याकार
महासचिव-मम् राजीवलोचन
जिला मानस संघ-गरियाबंद(छ. ग.)
ग्राम-कपसीडीह(राजिम)
जिला-गरियाबंद(छ.ग.)
मो.- 8718916468




















