
‘राजेश जैन ‘राही’ की ‘पिता छाँव वट वृक्ष की’ के तीसरे संस्करण का विमोचन
विश्व पुस्तक दिवस 23 अप्रैल के सुअवसर पर काव्य कृति ‘पिता छांव वट वृक्ष की’ के तीसरे संस्करण का विमोचन मुख्य अतिथि श्री गौरव कुमार सिंह आईएएस, कलेक्टर रायपुर, मुख्य वक्ता डॉ माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’, युवा संस्था के संस्थापक एम.राजीव सर, प्रखर पत्रकार डॉ. अनिल द्विवेदी, रंगकर्मी आचार्य रंजन मोड़क, पारस जैन, प्रिया जैन, अनीता जैन के कर कमलों से संपन्न हुआ। सरस्वती वंदना नेहा जैन एवं प्रिया जैन ने प्रस्तुत की।

काव्य गोष्ठी सत्र का संचालन प्रियंका उपाध्याय एवं विमोचन सत्र का संचालन उर्मिला देवी उर्मी ने किया।
इस अवसर पर राही जी ने रामचरितमानस में हिंदी काव्य के नव रस पर एकल प्रस्तुति दी जिसे भरपूर सराहना मिली।

मुख्य अतिथि श्री गौरव कुमार सिंह ने पिता के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि पुत्र की प्रसिद्ध एवं पहचान में पिता की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। प्रमुख वक्ता डॉ माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’ ने दोहे के इतिहास एवं महत्व को रेखांकित करते हुए मेरे दोहों को पिता के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि एवं समय सापेक्ष निरुपित किया।
आचार्य रंजन मोड़क ने पिता पर एकल नाटिका प्रस्तुत की।





















