
पश्चिम बंगाल सरकार कोलकाता की ऐतिहासिक ट्राम सेवा को नए और आधुनिक स्वरूप में पुनर्जीवित करने की दिशा में काम कर रही है। परिवहन विभाग ने पुराने ट्राम रूटों को बहाल करने और नए कॉरिडोर विकसित करने की योजना तैयार की है।
प्रस्ताव के अनुसार, शहर के कई पुराने ट्राम मार्गों को चरणबद्ध तरीके से फिर से शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही साल्ट लेक-न्यू टाउन और दक्षिणेश्वर-कालीघाट के बीच नए ट्राम कॉरिडोर विकसित करने पर भी विचार किया जा रहा है।
सरकार का उद्देश्य ट्राम को केवल विरासत और ऐतिहासिक पहचान तक सीमित नहीं रखना, बल्कि इसे सार्वजनिक परिवहन के उपयोगी और आधुनिक विकल्प के रूप में स्थापित करना है।
योजना के तहत बैटरी चालित वातानुकूलित (एसी) ट्राम शुरू करने का प्रस्ताव है। इन ट्रामों के संचालन के लिए पारंपरिक ओवरहेड बिजली तारों की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे शहरी सौंदर्य और संचालन दोनों में सुधार होगा।
यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम बनाने के लिए ट्राम लाइनों के पुनर्विन्यास पर भी विचार किया जा रहा है। इसके तहत ट्राम पटरियों को सड़क के बाईं ओर स्थानांतरित करने का प्रस्ताव शामिल है।
परियोजना के तकनीकी और आर्थिक मूल्यांकन के लिए सरकारी एजेंसी RITES Limited को सर्वेक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एजेंसी ऑस्ट्रेलिया और France की आधुनिक ट्राम प्रणालियों का अध्ययन कर कोलकाता के लिए विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी।
गौरतलब है कि ट्राम एक हल्का रेल वाहन है, जो सड़कों पर बिछी पटरियों पर चलता है और मुख्य रूप से सार्वजनिक परिवहन के लिए उपयोग किया जाता है। Kolkata की ट्राम सेवा दुनिया की सबसे पुरानी संचालित ट्राम सेवाओं में गिनी जाती है।

















