
रायपुर रायपुर पुलिस कमिश्नरेट में विवेचना कार्य को तकनीकी रूप से अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार 308 विवेचकों को ई-साक्ष्य (इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य) के संकलन के लिए मोबाइल फोन वितरित किए गए। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में स्वयं मोबाइल फोन वितरित कर इस पहल की शुरुआत की।
डिजिटल साक्ष्य संग्रह होगा अधिक तेज और व्यवस्थित
पुलिस मुख्यालय द्वारा नवीन कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से उपलब्ध कराए गए इन मोबाइल उपकरणों का उपयोग ई-साक्ष्य के त्वरित एवं सुरक्षित संकलन, व्यवस्थित दस्तावेजीकरण और विभिन्न तकनीकी प्लेटफॉर्मों के साथ समन्वय के लिए किया जाएगा।
इन मोबाइल फोनों के माध्यम से विवेचक घटनास्थल पर ही फोटो, ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग, डिजिटल रिपोर्टिंग और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का मानकीकृत तरीके से संग्रह कर सकेंगे, जिससे जांच प्रक्रिया अधिक सटीक और पारदर्शी बनेगी।
डिजिटल ऐप्स और डेटा सुरक्षा का पालन करने के निर्देश
पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने विवेचकों को निर्देश दिए कि वे डिजिटल ऐप्स, ई-साक्ष्य संचालन प्रोटोकॉल और डेटा सुरक्षा के निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करें। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग जांच की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ-साथ मामलों के त्वरित निराकरण में भी सहायक होगा।
उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक और तकनीक आधारित विवेचना से न केवल अपराधों की जांच तेज होगी, बल्कि न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने वाले साक्ष्यों की विश्वसनीयता और मजबूती भी बढ़ेगी।
डिजिटल पुलिसिंग को मिलेगा बढ़ावा
यह पहल राज्य पुलिस मुख्यालय की डिजिटल सुदृढ़ता नीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पुलिसिंग को तकनीकी रूप से अधिक सक्षम बनाकर न्यायिक प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है।
मोबाइल वितरण के साथ ही आगामी चरणों में विवेचकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम, तकनीकी सहायता और डेटा सुरक्षा मानकों के अनुपालन की निगरानी व्यवस्था भी लागू की जाएगी, ताकि डिजिटल जांच प्रणाली का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।

















