
रायपुर राजधानी रायपुर में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। शहर के कई इलाकों में भारी जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे लोगों को आवाजाही और दैनिक कार्यों में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस बीच कांग्रेस ने नगर निगम और जिला प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठाते हुए सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।
दोपहर की बारिश में ही सड़कें बनी नाले
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने आरोप लगाया कि दोपहर की बारिश में ही शहर की सड़कें नालों में तब्दील हो गई थीं, जबकि देर रात हुई तेज बारिश के बाद हालात और बिगड़ गए। उनके अनुसार, बारिश ने प्रशासन की तैयारियों की पूरी पोल खोल दी।
रायपुर दक्षिण सबसे ज्यादा प्रभावित
कांग्रेस के मुताबिक रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित रहा। महामाया मंदिर वार्ड, वामनराव लाखे वार्ड, मैत्री नगर, भक्त माता कर्मा वार्ड, डॉ. खूबचंद बघेल वार्ड, रवींद्रनाथ टैगोर वार्ड, छत्तीसगढ़ नगर, धर्मनगर और संजय नगर समेत कई बस्तियों और कॉलोनियों में पानी भर गया।
जलभराव के कारण घरों, गलियों और सड़कों पर पानी जमा हो गया, जिससे स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
सुबह 4 बजे से मदद के लिए आने लगे फोन
कन्हैया अग्रवाल ने बताया कि सुबह करीब 4 बजे से प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के फोन आने शुरू हो गए थे। कई इलाकों में लोगों को राहत या तत्काल सहायता नहीं मिल पा रही थी। उन्होंने कहा कि वे सुबह से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं और राहत पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।
कांग्रेस का आरोप— यह प्राकृतिक नहीं, प्रशासनिक विफलता
कांग्रेस ने दावा किया कि शहर में जलभराव केवल भारी बारिश का परिणाम नहीं, बल्कि राजनीतिक और प्रशासनिक विफलता का नतीजा है। कन्हैया अग्रवाल का कहना है कि शहर के बड़े नालों पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हो चुका है और कई जगह नालों के ऊपर मकान व दुकानें बना दी गई हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक संरक्षण के बिना इस तरह का अतिक्रमण संभव नहीं है।
तत्काल राहत और जलनिकासी सुधार की मांग
कांग्रेस ने प्रशासन से जलनिकासी व्यवस्था सुधारने, नालों से अतिक्रमण हटाने और प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य तेज करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि बारिश के मौसम में नागरिकों को बार-बार ऐसी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है, इसलिए स्थायी समाधान जरूरी है।


















