
भिलाई भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) में फ्लू डस्ट की आड़ में आयरन स्क्रैप चोरी के बहुचर्चित मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कारोबारी भास्कर मुदलियार को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में उसकी कथित भूमिका सामने आने के बाद पूछताछ की गई और फिर औपचारिक गिरफ्तारी की गई।
पुलिस के अनुसार, वैशाली नगर निवासी भास्कर मुदलियार के वाहन लंबे समय से बीएसपी परिसर में संचालित हो रहे थे। जांच के दौरान मिले दस्तावेज, वाहन संचालन के रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उसकी संलिप्तता के संकेत मिले हैं।
अब तक 17 आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में बीएसपी के जीएम हिमांशु भूषण मलिक और एजीएम मनोज कुमार देवांगन समेत अब तक 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि यह केवल लोहा चोरी का मामला नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क की जांच है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
प्लांट के अंदर से मिली कथित मिलीभगत
जांच में सामने आया है कि बीएसपी के कुछ अधिकारियों की कथित मिलीभगत से फ्लू डस्ट में आयरन स्क्रैप मिलाकर उसे प्लांट से बाहर भेजा जाता था। बाद में इस स्क्रैप को अकलोरडीह स्थित एके ट्रेडर्स और अन्य गोदामों में जमा किया जाता था।
26 मई को हुआ था खुलासा
मामले का खुलासा 26 मई 2026 को हुआ था, जब पुलिस ने अकलोरडीह और हथखोज स्थित ठिकानों पर छापेमारी कर करीब 250 टन लौह स्क्रैप बरामद किया था। कार्रवाई के दौरान कई हाईवा, ट्रक, जेसीबी, हाईड्रा और अन्य मशीनें भी जब्त की गई थीं। जब्त सामग्री और वाहनों की कुल अनुमानित कीमत करीब 3.22 करोड़ रुपये आंकी गई थी।
क्या है फ्लू डस्ट?
फ्लू डस्ट स्टील प्लांट और ब्लास्ट फर्नेस से निकलने वाली महीन धूल होती है, जिसमें लौह कण और अन्य धात्विक तत्व मौजूद हो सकते हैं। पुलिस का आरोप है कि इसी सामग्री की आड़ में मूल्यवान आयरन स्क्रैप की चोरी कर उसे बाहर भेजा जा रहा था।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। वित्तीय लेन-देन, परिवहन व्यवस्था, गोदाम संचालन और बीएसपी परिसर के भीतर संभावित मिलीभगत की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक पूरे नेटवर्क का खुलासा होने तक कार्रवाई जारी रहेगी।



















