
AQIS के विकेंद्रीकृत नेटवर्क के विस्तार और बढ़ती क्षमताओं पर जताई चिंता
वॉशिंगटन/नई दिल्ली । संयुक्त राष्ट्र की एक ताजा रिपोर्ट में नवंबर 2025 में दिल्ली के लालकिले पर हुए हमले को अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से जुड़ा बताया गया है। रिपोर्ट में AQIS की वित्तीय और लॉजिस्टिक क्षमताओं के मजबूत होने तथा दक्षिण एशिया में उसके नेटवर्क के विस्तार को लेकर चिंता जताई गई है।
यह जानकारी संयुक्त राष्ट्र की Analytical Support and Sanctions Monitoring Team की 38वीं रिपोर्ट में सामने आई है। रिपोर्ट इस्लामिक स्टेट, अल-कायदा और उनसे जुड़े संगठनों पर निगरानी रखने वाली संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की समिति को सौंपी गई है।
छोटे समूहों के जरिए गतिविधियों का विस्तार
रिपोर्ट के मुताबिक AQIS अब बड़े और केंद्रीकृत ढांचे के बजाय छोटे और विकेंद्रीकृत समूहों के माध्यम से अपनी गतिविधियों को आगे बढ़ा रहा है। संयुक्त राष्ट्र ने संगठन के वित्तीय और लॉजिस्टिक नेटवर्क के मजबूत होने को सुरक्षा के लिहाज से चिंता का विषय बताया है।
रिपोर्ट में नवंबर 2025 में दिल्ली के लालकिले पर हुए हमले को AQIS से आधिकारिक तौर पर जुड़ा पाया गया है।
बांग्लादेश के जरिए विस्तार की आशंका
संयुक्त राष्ट्र ने आशंका जताई है कि AQIS अपने नेटवर्क के विस्तार के लिए बांग्लादेश में नई इकाइयां स्थापित करने की कोशिश कर सकता है। रिपोर्ट में दक्षिण एशिया और साहेल क्षेत्र को आतंकवादी खतरे के लिहाज से गंभीर क्षेत्रों में शामिल किया गया है।
अफगानिस्तान में आतंकी संगठनों पर चिंता
रिपोर्ट में अफगानिस्तान में सक्रिय आतंकवादी संगठनों की मौजूदगी पर भी चिंता जताई गई है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार तालिबान द्वारा इस्लामिक स्टेट-खुरासान (IS-K) के खिलाफ कार्रवाई और अन्य आतंकी संगठनों को नियंत्रित करने के प्रयासों के बावजूद क्षेत्र में आतंकवादी खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।
AQIS की गतिविधियों को पड़ोसी देशों और मध्य एशिया के लिए भी सुरक्षा चुनौती बताया गया है। रिपोर्ट में संगठन के कुछ नेताओं की काबुल में मौजूदगी का भी उल्लेख किया गया है।
TTP के साथ अल-कायदा के संबंधों का जिक्र
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में अल-कायदा और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के बीच संबंधों का भी उल्लेख है। रिपोर्ट के अनुसार, अल-कायदा ने TTP को वैचारिक मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और अन्य सहायता प्रदान की है।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पार हमलों को लेकर बढ़ते तनाव से क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों के और गंभीर होने की आशंका भी जताई गई है।
प्रतिबंध व्यवस्था के तहत निगरानी
इस्लामिक स्टेट और अल-कायदा से जुड़े संगठनों पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध व्यवस्था के तहत लगातार निगरानी रखी जाती है। मॉनिटरिंग टीम हर छह महीने में रिपोर्ट प्रस्तुत करती है।
इन रिपोर्टों का उद्देश्य सदस्य देशों को आतंकवादी संगठनों से जुड़े खतरों का आकलन करने और संपत्ति फ्रीज, यात्रा प्रतिबंध तथा हथियारों पर रोक जैसे प्रतिबंधों को प्रभावी ढंग से लागू करने में सहायता देना है।


















