
भोपाल/उज्जैन | मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने उज्जैन की ऐतिहासिक शाही मस्जिद के सड़क चौड़ीकरण में बाधक हिस्सों को हटाने से जुड़े मामले में मुस्लिम पक्ष की दो रिट अपीलों का निपटारा कर दिया है। अदालत को बताया गया कि याचिकाकर्ताओं और उज्जैन नगर निगम के बीच मामले को लेकर समझौता हो गया है।
न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर और न्यायमूर्ति जय कुमार पिल्लई की खंडपीठ ने पक्षकारों को सुनने के बाद अपीलों का निपटारा किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि नगर निगम ने अपने जवाब और अंतरिम नोटिस में जो आश्वासन दिए हैं, उनका पालन करना उसके लिए बाध्यकारी होगा।
एकल पीठ के आदेश को दी गई थी चुनौती
मुस्लिम पक्ष ने हाईकोर्ट की एकल पीठ के 9 सितंबर के आदेश को चुनौती देते हुए दो अलग-अलग रिट अपील दायर की थीं। एकल पीठ ने शाही मस्जिद के सड़क चौड़ीकरण में बाधक हिस्सों को हटाने संबंधी नगर निगम के नोटिस को उचित ठहराया था और इसके खिलाफ दायर याचिकाएं खारिज कर दी थीं।
इसके बाद मामले को लेकर अपील दायर की गई। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि नगर निगम के साथ समझौता हो चुका है।
सिंहस्थ 2028 की तैयारियों से जुड़ा मामला
उज्जैन में 2028 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण की योजना के बीच शाही मस्जिद के कुछ हिस्सों को बाधक बताया गया था। इसी को लेकर नगर निगम की कार्रवाई और नोटिस के खिलाफ मामला हाईकोर्ट पहुंचा था।
अदालत के ताजा आदेश के बाद रिट अपीलों का निपटारा हो गया है। नगर निगम द्वारा अदालत के समक्ष दिए गए आश्वासन मामले में लागू रहेंगे।
गौरतलब है कि शाही मस्जिद के हिस्से को हटाने को लेकर पहले विवाद की स्थिति भी बनी थी। उस दौरान पुलिस पर पथराव की घटना सामने आई थी, जिसके बाद पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया था।



















