
PMLA के तहत हुई कार्रवाई, विशेष अदालत ने पूछताछ के लिए ईडी को दी अनुमति
रायपुरछत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितता, प्रश्नपत्र लीक और भ्रष्टाचार से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने बलरामपुर-रामानुजगंज के अपर कलेक्टर चेतन बोरघरिया को गिरफ्तार किया है। वह वर्ष 2019 से 2022 के बीच तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यालय में OSD के तौर पर पदस्थ रहे थे।
ईडी ने यह गिरफ्तारी धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की है। गिरफ्तारी के बाद बोरघरिया को विशेष PMLA अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 6 दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया। अब एजेंसी उनसे मामले से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन और अन्य पहलुओं को लेकर पूछताछ करेगी।
CGPSC मामले में पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां
यह मनी लॉन्ड्रिंग जांच CGPSC की वर्ष 2020 और 2021 की राज्य सेवा परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार, प्रश्नपत्र लीक और अनियमितताओं से जुड़ी है। इससे पहले ईडी इस मामले में CGPSC के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी और उत्कर्ष चंद्राकर को भी गिरफ्तार कर चुकी है।
ईडी ने इससे पहले 1 सितंबर को छत्तीसगढ़ के रायपुर, दुर्ग और जशपुर जिलों में पांच स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया था। इस दौरान जांच से जुड़े दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्य जब्त किए गए थे।
बोरघरिया की गिरफ्तारी के साथ CGPSC मामले की मनी लॉन्ड्रिंग जांच में ईडी की कार्रवाई और आगे बढ़ गई है। एजेंसी अब उनकी छह दिन की रिमांड के दौरान मामले से जुड़े तथ्यों और कथित वित्तीय कड़ियों की पड़ताल करेगी।














