
रायपुर। त्योहारों के मौसम में चीनी की जमाखोरी पर रोक लगाने और बाजार में इसकी पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए सरकार ने चीनी व्यापारियों के भंडारण नियमों में बदलाव किया है। नए नियम 15 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे।
भंडारण की सीमा 1,000 क्विंटल तय
नए प्रावधानों के तहत सामान्य क्षेत्रों में चीनी व्यापारियों के लिए भंडारण की अवधि 15 दिन और अधिकतम भंडारण सीमा 1,000 क्विंटल निर्धारित की गई है।
हालांकि, कोलकाता और आसपास के महानगरीय क्षेत्रों तथा असम के लिए भंडारण सीमा 2,000 क्विंटल रखी गई है। सरकार के मुताबिक, पूर्वोत्तर क्षेत्र की भौगोलिक और परिवहन संबंधी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए यह अतिरिक्त सीमा तय की गई है।
चीनी की कीमतों में आई गिरावट
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अनुसार, चीनी की औसत खुदरा कीमतें अगस्त के उच्चतम स्तर से करीब 15 प्रतिशत नीचे आ चुकी हैं। वहीं, मिल से निकलने वाली चीनी की कीमतों में लगभग 28 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है और पिछले तीन सप्ताह से इनमें स्थिरता बनी हुई है।
कम कीमत का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के निर्देश
मंत्रालय ने कहा कि बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता और सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। थोक और खुदरा विक्रेताओं से चीनी की कीमतों में आई गिरावट का लाभ जल्द से जल्द उपभोक्ताओं तक पहुंचाने को कहा गया है।


















