
शारदीय नवरात्रि पर मां चंडी देवी के दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालु, तीन तालाबों के बीच स्थित प्राचीन मंदिर में भक्तिमय माहौल
कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा विकासखंड के ग्राम गौरमाटी स्थित चंडी माई धाम में शारदीय नवरात्रि के अवसर पर 222 मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित किए गए हैं। तीन तालाबों के बीच स्थित मां चंडी देवी का यह प्राचीन मंदिर अपनी प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है।
मंदिर समिति के अनुसार, सिल्हाटी-थान खमरिया मुख्य मार्ग पर ग्राम गौरमाटी के बाहरी छोर पर स्थित यह मंदिर तीन जलमग्न तालाबों के बीच विराजमान है। मंदिर परिसर का शांत और शीतल वातावरण श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। नवरात्रि के अवसर पर मंदिर और तालाबों के किनारों को आकर्षक विद्युत सजावट से सजाया गया है।
मनोकामना पूरी होने पर ज्योति कलश स्थापित कराते हैं श्रद्धालु
मां चंडी देवी के मंदिर में शारदीय और बासंतीय नवरात्रि का पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। माता को सिद्धिदात्री और मनोकामना पूर्ण करने वाली देवी के रूप में मानने वाले श्रद्धालु छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के अलावा दूसरे राज्यों से भी यहां पहुंचते हैं।
मान्यता के अनुसार, भक्त अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए ज्योति कलश स्थापित कराते हैं। वहीं, मनोकामना पूरी होने के बाद भी श्रद्धालु माता के प्रति आस्था व्यक्त करने के लिए ज्योति कलश प्रज्वलित कराते हैं।
नवरात्रि के पहले दिन से पहुंच रहे श्रद्धालु
शारदीय नवरात्रि के पहले दिन से ही मां चंडी देवी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया है। मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए आने वाले भक्तों की सुविधा के लिए मंदिर समिति के सदस्य और ग्रामवासी व्यवस्थाओं में जुटे हुए हैं।
नवरात्रि के दौरान मंदिर परिसर में भक्ति और श्रद्धा का माहौल बना हुआ है।

















