
नई दिल्ली। राष्ट्रीय फेरी पटरी ठेला व्यवसायी महासंघ ने दिवाली से लेकर तुलसी पूजा तक के त्योहारी सीजन को देखते हुए देश के सभी प्रमुख राजनीतिक दलों से प्रदर्शन और आंदोलनों को स्थगित करने की अपील की है। महासंघ का कहना है कि त्योहारों के दौरान फेरी-पटरी और ठेला व्यवसायियों की आय बढ़ने की उम्मीद रहती है, जिससे वे अपने परिवारों की जरूरतें पूरी करते हैं।
महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट आलोक पाण्डेय के नेतृत्व में कांग्रेस, भाजपा, सपा, बसपा सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के राष्ट्रीय एवं प्रदेश अध्यक्षों और प्रमुख नेताओं को पत्र भेजकर इस विषय पर संवेदनशीलता बरतने का अनुरोध किया गया है। महासंघ के अनुसार, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव, डॉ. उदित राज सहित अन्य नेताओं के कार्यालयों को भी ईमेल के माध्यम से पत्र प्रेषित किए गए हैं।
महासंघ ने पत्र में कहा है कि दिल्ली में जारी विरोध-प्रदर्शनों के कारण फेरी-पटरी और ठेला व्यवसायियों की आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इन छोटे व्यवसायियों की आमदनी मुख्य रूप से दैनिक बिक्री पर निर्भर होती है और दीपावली सहित अन्य त्योहारों के दौरान होने वाली कमाई उनके परिवारों की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे में बाजारों और सड़कों पर आवागमन बाधित होने से उनकी बिक्री प्रभावित हो सकती है।
राष्ट्रीय फेरी पटरी ठेला व्यवसायी महासंघ ने स्पष्ट किया कि संगठन लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का सम्मान करता है। हालांकि, उसने राजनीतिक दलों और प्रदर्शन करने वाले पक्षों से आग्रह किया है कि आंदोलनों के दौरान गरीब, मेहनतकश और दैनिक आय पर निर्भर व्यवसायियों की आजीविका का विशेष ध्यान रखा जाए।
महासंघ के अनुसार, उसकी अपील किसी भी आंदोलन का विरोध करने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि उन लाखों परिवारों के हितों की रक्षा के लिए है, जिनकी रोजी-रोटी छोटे व्यवसायों पर निर्भर है। संगठन ने सभी राजनीतिक दलों से संवाद के माध्यम से समाधान निकालने का अनुरोध किया है, ताकि लोकतांत्रिक विरोध की प्रक्रिया भी शांतिपूर्ण बनी रहे और छोटे व्यवसायियों की आजीविका भी सुरक्षित रह सके।
महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट आलोक पाण्डेय ने सभी राजनीतिक दलों से त्योहारी सीजन की संवेदनशीलता को समझते हुए सहयोग करने की अपील की है।




















