
नवागढ़ विकासखंड में 37 किसानों ने लिया हिस्सा, वैज्ञानिकों ने मृदा स्वास्थ्य, संतुलित उर्वरक उपयोग और जैविक खेती की दी जानकारी
बेमेतरा। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान, रायपुर द्वारा संचालित ‘खेत बचाओ अभियान-रबी 2026’ के अंतर्गत सोमवार को बेमेतरा जिले के नवागढ़ विकासखंड की ग्राम पंचायत मुरता में कृषक जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कुल 37 किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
मृदा स्वास्थ्य और जैविक खेती पर दिया प्रशिक्षण
कार्यक्रम में संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. विनोद कुमार वाशनिक और डॉ. आशीष मराठे ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग, प्राकृतिक एवं जैविक खेती और टिकाऊ कृषि पद्धतियों की जानकारी दी।
वैज्ञानिकों ने किसानों को रासायनिक उर्वरकों का आवश्यकता के अनुसार संतुलित उपयोग करने, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और फसल उत्पादन में प्राकृतिक एवं जैविक कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रेरित किया।
किसानों की समस्याओं पर हुई चर्चा
कार्यक्रम के दौरान वैज्ञानिकों और किसानों के बीच संवादात्मक परिचर्चा भी आयोजित की गई। इसमें किसानों ने खेती से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और चुनौतियों को साझा किया। वैज्ञानिकों ने उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए स्थानीय कृषि परिस्थितियों के अनुरूप टिकाऊ और लाभकारी कृषि तकनीक अपनाने की सलाह दी।
फसल अवशेष प्रबंधन और संसाधन संरक्षण पर जोर
वैज्ञानिकों ने फसल अवशेष प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए किसानों को मृदा एवं जल संसाधनों के संरक्षण के लिए जागरूक किया। उन्होंने बताया कि टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाकर मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ कृषि उत्पादन को भी बेहतर बनाया जा सकता है।


















