कबीरधाम । आठ साल पहले हुए बहुचर्चित डॉक्टर दंपत्ति हत्याकांड में पुलिस ने रामनगर स्थित घटनास्थल पर सीन रिक्रिएट किया। इस दौरान आरोपी को घटनास्थल पर लाकर पूरी हत्या की कहानी दोबारा जिंदा की गई।
दोपहर करीब 2 बजे पुलिस आरोपी सत्यप्रकाश साहू को लेकर घटनास्थल पहुंची। वहां पहले से मौजूद पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह, एएसपी पुष्पेन्द्र बघेल, एसडीओपी कृष्ण कुमार चंद्राकर, एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम और भारी पुलिस बल ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया।

कैसे रची गई हत्या की दोबारा पटकथा
पुलिस ने आरोपी से वही हरकतें, वही रास्ता, वही घटनाक्रम दोहरवाया — कैसे वह घर में दाखिल हुआ, डॉक्टर दंपत्ति के बीच क्या विवाद हुआ, किस बिंदु पर बात इतनी बिगड़ी कि हत्या हो गई।
आरोपी ने बताया कि पहले डॉक्टर ने अपनी पत्नी पर हमला किया, फिर जवाबी हमले में पत्नी ने भी प्रहार किया, और इसी बीच डॉक्टर ने पत्नी की हत्या कर दी। यह देखकर आरोपी घबरा गया और डर के चलते डॉक्टर को भी पत्थर से मार डाला।
पुलिस हर बिंदु पर रुककर आरोपी से पूछताछ करती रही —
“यहां से कैसे घुसे?”
“किस दिशा में वार किया?”
“कब और कैसे भागे?”
आरोपी बिना झिझक हर सवाल का जवाब दे रहा था, मानो अपने भीतर के बोझ से हल्का हो रहा हो।
एफएसएल टीम ने जुटाए तकनीकी साक्ष्य
एफएसएल की टीम ने घटनास्थल से जुड़े पुराने फोटो और खून के निशानों से तुलना करते हुए संघर्ष के दिशा, भागने का रास्ता, और अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं का मिलान किया। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी की गई, ताकि न्यायालय में यह पुख्ता सबूत के रूप में प्रस्तुत किया जा सके।
जांच में सामने आईं नई जानकारियां
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी के बयान घटनास्थल से मेल खाते हैं। साथ ही कुछ नई जानकारियां भी सामने आई हैं, जो पहले की जांच में उजागर नहीं हुई थीं।
वर्षों बाद टूटा सन्नाटा
2017 में हुए इस दोहरे हत्याकांड ने पूरे छत्तीसगढ़ को झकझोर दिया था। एक प्रतिष्ठित डॉक्टर दंपत्ति का घर में बेरहमी से मारा जाना लंबे समय तक एक रहस्य बना रहा। कबीरधाम पुलिस की वर्षों की मेहनत, तकनीकी साक्ष्य और समर्पण के चलते अब इस हत्याकांड की परत-दर-परत सच्चाई सामने आ रही है।
अब पुलिस इस केस को मजबूत सबूतों के साथ न्यायालय में पेश करने की तैयारी में जुट गई है। आने वाले समय में यह छत्तीसगढ़ के सबसे अहम अपराध मामलों में एक बन सकता है।
























