
NEET UG 2026 पेपर लीक मामला: 45 से ज्यादा लोग हिरासत में, कई राज्यों में फैला नेटवर्क, CBI करेगी बड़ी जांच
नई दिल्ली – देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 अब बड़े राष्ट्रीय विवाद में बदल चुकी है। पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के बाद केंद्र सरकार ने मामले की जांच CBI को सौंप दी है। शुरुआती जांच में ऐसे संकेत मिले हैं कि परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र से जुड़ी सामग्री कुछ छात्रों तक पहुंचाई गई थी।
सूत्रों के मुताबिक, राजस्थान सहित कई राज्यों में चल रही जांच के दौरान 45 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है। जांच एजेंसियों को शक है कि यह केवल स्थानीय स्तर का मामला नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है, जिसमें बिचौलियों, तकनीकी लोगों और कुछ कोचिंग संपर्कों की भूमिका भी शामिल हो सकती है।
जांच में यह भी सामने आया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, मैसेजिंग ऐप और निजी समूहों के जरिए परीक्षा से जुड़ी संदिग्ध सामग्री प्रसारित की गई थी। कुछ तथाकथित “गेस पेपर” में वास्तविक प्रश्नों से काफी समानता मिलने के बाद मामला और गंभीर हो गया।
सरकार ने परीक्षा को रद्द करते हुए साफ किया है कि छात्रों के भविष्य और परीक्षा की विश्वसनीयता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। करीब 22 लाख छात्रों पर इस फैसले का असर पड़ा है, जिसके बाद देशभर में अभिभावकों और विद्यार्थियों के बीच चिंता और नाराजगी का माहौल है।
CBI अब इस पूरे नेटवर्क की फंडिंग, डिजिटल कनेक्शन, बैंक ट्रांजैक्शन और संदिग्ध संपर्कों की गहराई से जांच करेगी। एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि प्रश्नपत्र किस स्तर से लीक हुआ और इसमें कितने लोग शामिल थे।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला देश की प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और भरोसे से जुड़ा हुआ है। ऐसे में आने वाले दिनों में जांच के और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

















