
रायपुर रायपुर पुलिस ने FOREX ट्रेडिंग में अधिक मुनाफे का लालच देकर 74 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी करने वाले दो अंतर्राज्यीय आरोपियों को राजस्थान से गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने गूगल सर्च के माध्यम से पीड़ित को FIRSTIFY नामक टेलीग्राम ग्रुप से जोड़कर फर्जी निवेश योजना के जरिए ठगी की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जबकि गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश जारी है।
टेलीग्राम ग्रुप से जोड़कर लगाया 74 लाख का चूना
पुलिस के अनुसार, न्यू राजेंद्र नगर निवासी बहादुर आर्य ने 17 अप्रैल 2026 को गूगल पर FOREX ट्रेडिंग सर्च किया था। इसके बाद एक वेबसाइट के माध्यम से उनका मोबाइल नंबर FIRSTIFY नामक टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ दिया गया। ग्रुप के सदस्यों ने अधिक मुनाफे का लालच देकर उन्हें और उनके भतीजे को FOREX ट्रेडिंग में निवेश के लिए प्रेरित किया। आरोपियों के झांसे में आकर दोनों ने अलग-अलग किश्तों में कुल 74 लाख रुपये निवेश कर दिए, लेकिन न तो कोई लाभ मिला और न ही निवेश की गई राशि वापस की गई। शिकायत के आधार पर थाना न्यू राजेंद्र नगर में धारा 318(4) बीएनएस और 66(डी) आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
तकनीकी जांच से राजस्थान तक पहुंची पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और थाना न्यू राजेंद्र नगर पुलिस ने संयुक्त जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, बैंक खाते, टेलीग्राम ग्रुप, व्हाट्सएप अकाउंट और अन्य डिजिटल गतिविधियों का तकनीकी विश्लेषण किया गया। चेन एनालिसिस और बैंकिंग ट्रांजेक्शन के आधार पर आरोपियों की लोकेशन राजस्थान में मिली।
दो आरोपी गिरफ्तार, तीन मोबाइल जब्त
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में पुलिस टीम राजस्थान पहुंची और लगातार अभियान चलाकर जयपुर निवासी मुकेश कुमार मीणा (26) और सीकर निवासी संदीप कुमार (24) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर साइबर ठगी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। पुलिस ने उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी, गिरोह के अन्य सदस्य रडार पर
पुलिस ने बताया कि जब्त मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच की जा रही है, ताकि साइबर ठगी गिरोह के पूरे नेटवर्क, अन्य सहयोगियों और देश के विभिन्न राज्यों में की गई संभावित ठगी की घटनाओं का पता लगाया जा सके। फरार आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई जारी है।



















