
GEC रायपुर बना नवाचार का केंद्र, केंद्रीय सचिव ने सराहा संस्थान का स्टार्टअप और रिसर्च मॉडल

रायपुर, राजधानी स्थित शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज (GEC) रायपुर एक बार फिर तकनीकी नवाचार, रिसर्च और स्टार्टअप गतिविधियों को लेकर चर्चा में है। कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE), भारत सरकार की सचिव श्रीमती देबाश्री मुखर्जी (IAS) ने आज GEC रायपुर का दौरा कर यहां संचालित नवाचार आधारित गतिविधियों, स्टार्टअप संस्कृति और विद्यार्थियों के तकनीकी प्रोजेक्ट्स का अवलोकन किया।

यह दौरा छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण (CSSDA) द्वारा संचालित विभिन्न नवाचार आधारित गतिविधियों, स्टार्टअप आदि, जिसमें तकनीकी शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट से जुड़े विभिन्न संस्थानों का निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण किया गया। कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ शासन के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव डॉ. बसवराजू एस. (IAS) तथा तकनीकी शिक्षा संचालनालय के संचालक श्री विजय दयाराम के. (IAS) भी उपस्थित रहे।

भ्रमण के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने GEC रायपुर में विद्यार्थियों द्वारा विकसित नवाचार आधारित प्रोजेक्ट्स, रिसर्च मॉडल और इंडस्ट्री-ओरिएंटेड तकनीकी गतिविधियों की विस्तार से जानकारी ली। कॉलेज में प्रदर्शित कई प्रोजेक्ट्स ने अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया, जिनमें AI आधारित सोलर पैनल फॉल्ट डिटेक्शन सिस्टम, ऑटोमेटिक स्मार्ट हेडलाइट सिस्टम, रियल टाइम अल्कोहल डिटेक्शन एंड ड्राइवर वैलिडेशन, हेक्सापॉड रोबोटिक वैक्यूम क्लीनर और इंजन एग्जॉस्ट आधारित फूड हीटर जैसे इनोवेटिव मॉडल शामिल रहे।

विशेष बात यह रही कि कई परियोजनाओं को Harvard University, NIDHI i-TBI Government of India, CGCOST तथा राज्य योजना आयोग जैसे संस्थानों से फंडिंग प्राप्त हुई है, वहीं कुछ प्रोजेक्ट्स के पेटेंट प्रकाशित और फाइल भी किए जा चुके हैं। अधिकारियों ने विद्यार्थियों की तकनीकी क्षमता, शोध अभिरुचि और प्रायोगिक नवाचार की सराहना करते हुए इसे प्रदेश के लिए सकारात्मक संकेत बताया।

महाविद्यालय में प्रदर्शित नवाचार आधारित परियोजनाओं में Sah-Sathi, Copy-Dude, AI Based Solar PV Panel Fault Detection System, Engine Exhaust Powered Food Heater, Two Way Shaper Machine, Automatic Smart Head-Light System, Hexapod Automatic Robotic Vacuum Cleaner, Automatic Tyre Inflation System तथा Real Time Alcohol Detection and Driver Validation जैसे प्रोजेक्ट प्रमुख रहे। इन परियोजनाओं को Harvard University, NIDHI i-TBI (Government of India), CGCOST तथा राज्य योजना आयोग छत्तीसगढ़ जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से लगभग 50 हजार रुपये से लेकर 15 लाख रुपये तक की रिसर्च एवं इनोवेशन ग्रांट प्राप्त हुई है।
इसके साथ ही संस्थान द्वारा विकसित कई तकनीकों और शोध कार्यों के पेटेंट भी प्रकाशित एवं फाइल किए गए हैं, जिनमें Dual Condition Automatic Vehicle Head Light Control System, Solar Powered Agriculture Robot, Hybrid Electric Vehicle Charging Station, AI-Powered Employee Efficiency Monitoring System, Machine Learning Based Fire Alarm System, Smart Crop Monitoring Device, AI Based Cyber Security Solutions तथा Wireless Hydroponic Farming Monitoring System जैसे नवाचार विशेष रूप से शामिल हैं।

इस अवसर पर सचिव महोदया को यह भी जानकारी दी गई कि GEC रायपुर और Lenovo के संयुक्त प्रयास से नवाचार को बढ़ावा देने हेतु एक अत्याधुनिक Innovation Lab लगभग स्थापित होने की प्रक्रिया में है। यह लैब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन, रोबोटिक्स, इंडस्ट्री 4.0 और उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र बनेगी। MSDE सचिव सुश्री देबाश्री मुखर्जी ने इस पहल की विशेष सराहना करते हुए कहा कि तकनीकी संस्थानों और उद्योग जगत के बीच इस प्रकार की साझेदारी विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकों के अनुरूप तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि GEC रायपुर में नवाचार और स्किल आधारित शिक्षा को जिस प्रकार बढ़ावा दिया जा रहा है, वह अन्य संस्थानों के लिए भी प्रेरणादायक मॉडल बन सकता है।

वहीं सचिव महोदय डॉ. बसवराजू एस. ने कहा कि प्रदेश सरकार तकनीकी शिक्षा को रोजगारोन्मुख, व्यवहारिक और उद्योग आधारित बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को स्टार्टअप, रिसर्च और पेटेंट संस्कृति से जोड़ने पर विशेष जोर दिया।
संचालक महोदय श्री विजय दयाराम के. ने कहा कि तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ तेजी से आगे बढ़ रहा है और GEC रायपुर जैसे संस्थान इस परिवर्तन के प्रमुख केंद्र बन रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को नवाचार और अनुसंधान के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत की दिशा में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एम. आर. खान ने संस्थान की शैक्षणिक उपलब्धियों, रिसर्च गतिविधियों एवं नवाचार आधारित पहल की विस्तृत जानकारी साझा की, जिसकी उन्होंने सराहना करते हुए अपने महती सुझाव समक्ष रखे | इस अवसर पर प्रो. अमिताभ दुबे, अतिरिक्त संचालक, बेसिक साइंसेज एंड ह्यूमैनिटीज विभागाध्यक्ष डॉ. श्वेता चौबे, मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष डॉ. अजय त्रिपाठी, इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग (EEE) विभागाध्यक्ष डॉ. आर. एस. परिहार, सिविल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष डॉ. अजय गर्ग, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (ET&T) विभागाध्यक्ष सुश्री सुमन दास तथा कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष श्री रवि कुमार, डॉ. एस. डी. दीवान, डॉ. विनीत शुक्ला, श्री प्रशान्त साहू, एवम श्री आशीष सिंह ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के प्राध्यापकगण, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। सभी विभागों द्वारा अपने-अपने नवाचार, तकनीकी परियोजनाओं एवं स्टार्टअप गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया, जिसकी अधिकारियों ने सराहना करते हुए तकनीकी उन्नयन एवं उद्योग आधारित विस्तार के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
इस अवसर पर i-Hub के CEO डॉ. आर. एच. तलवेकर ने i-Hub में संचालित नवाचार आधारित गतिविधियों, स्टार्टअप्स, तकनीकी परियोजनाओं एवं विद्यार्थियों की उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि i-Hub युवाओं को innovation, incubation और entrepreneurship से जोड़ते हुए उन्हें तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सतत कार्य कर रहा है।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एम. आर. खान ने विद्यार्थियों के नवाचार, तकनीकी सोच एवं उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि GEC रायपुर आने वाले समय में रिसर्च, स्टार्टअप और इंडस्ट्री आधारित तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा। उन्होंने कहा कि संस्थान में विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों, नवाचार और उद्यमिता से जोड़ने हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप स्वयं को विकसित कर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। उन्होंने कहा कि कि संस्थान में आने वाले समय में उद्योग आधारित रिसर्च, इनक्यूबेशन और स्टार्टअप गतिविधियों को और विस्तार दिया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को वैश्विक तकनीकी प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तैयार किया जा सके।



















