एकता कपूर की कास्टिंग कभी गलत साबित नहीं हुई : सुधा चंद्रन

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मुंबई। वेटरन अभिनेत्री सुधा चंद्रन ने मशहूर प्रोड्यूसर एकता कपूर की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें दूरदर्शी और बेहतरीन समझ रखने वाली निर्माता बताया है। उन्होंने कहा कि एकता कपूर की कास्टिंग आज तक कभी गलत साबित नहीं हुई।

सुधा चंद्रन ने अपने लोकप्रिय शो ‘कहीं किसी रोज’ को याद करते हुए बताया कि शुरुआत में उन्हें अपने किरदार रामोला सिकंद के अंदाज़ को लेकर थोड़ी झिझक थी। उन्हें लगा था कि किरदार कहीं ज्यादा ड्रामेटिक तो नहीं हो रहा।

एकता कपूर ने बढ़ाया आत्मविश्वास

सुधा ने बताया कि शूटिंग शुरू होने के कुछ दिनों बाद उन्होंने एकता कपूर से इस बारे में सवाल किया। इस पर एकता ने उनसे कहा—
“सिर्फ छह महीने इंतजार कीजिए, आप पूरे शहर में चर्चा का विषय होंगी।”

सुधा के मुताबिक, एकता की यही दूरदर्शी सोच उन्हें बाकी प्रोड्यूसर्स से अलग बनाती है।

रामोला सिकंद बना आइकॉनिक किरदार

उन्होंने कहा कि एकता कपूर को हमेशा पता रहता है कि किस किरदार के लिए कौन-सा कलाकार सबसे बेहतर रहेगा। यही वजह है कि उनके शो और किरदार लंबे समय तक दर्शकों के बीच याद किए जाते हैं।

सुधा ने कहा कि अगर एकता ने किसी अभिनेता को किसी रोल के लिए चुना है, तो उसके पीछे उनकी मजबूत समझ और विजन होता है।

हर बार आलोचकों को किया गलत साबित

सुधा चंद्रन ने कहा कि एकता कपूर ने कई बार ऐसे कॉन्सेप्ट्स पर काम किया, जिन पर शुरुआत में लोगों ने सवाल उठाए, लेकिन बाद में वही शो सुपरहिट साबित हुए।

उन्होंने ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ की वापसी का उदाहरण देते हुए कहा कि कई लोगों को शक था कि 25 साल बाद शो दोबारा दर्शकों से जुड़ पाएगा या नहीं, लेकिन यह फिर से नंबर-1 बन गया।

‘नागिन’ का भी दिया उदाहरण

सुधा ने बताया कि जब एकता कपूर ने ‘नागिन’ जैसा सुपरनैचुरल शो बनाया, तब भी कई लोगों को लगा था कि ऐसा विषय टीवी पर सफल नहीं होगा। लेकिन बाद में यही शो भारतीय टेलीविजन की सबसे सफल फ्रेंचाइज़ी में शामिल हो गया।

आज भी इंडस्ट्री की सबसे प्रभावशाली निर्माता

सुधा चंद्रन ने कहा कि बेहतरीन कास्टिंग, दर्शकों की पसंद की गहरी समझ और नए प्रयोग करने का साहस ही एकता कपूर को एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की सबसे प्रभावशाली हस्तियों में शामिल करता है।

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