भारत ने UN में दो-स्तरीय स्थायी सदस्यता का किया विरोध

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नई दिल्ली। भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार को लेकर एक बार फिर अपना स्पष्ट रुख रखा है। भारत ने दो-लेवल (टू-टियर) स्थायी सदस्यता के प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा है कि इससे वैश्विक प्रतिनिधित्व और संतुलन और कमजोर होगा।

क्या है विवाद

टू-टियर प्रस्ताव के तहत—

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  • नए देशों को स्थायी सदस्यता तो मिलेगी
  • लेकिन उन्हें वीटो पावर नहीं दी जाएगी

भारत का मानना है कि यह व्यवस्था असमानता को और बढ़ाएगी।

भारत का पक्ष

यूएन में भारत के स्थायी प्रतिनिधि Parvathaneni Harish ने कहा—

  • UNSC का मौजूदा ढांचा पुराना और असंतुलित है
  • सदस्यता और वीटो सिस्टम में सुधार जरूरी है
  • बिना वीटो के स्थायी सदस्यता अधूरी और कमजोर होगी

वीटो पावर पर जोर

भारत ने कहा कि—
👉 सुधार तभी सार्थक होगा जब स्थायी सदस्यता के साथ वीटो अधिकार भी बढ़ाया जाए

G4 देशों का प्रस्ताव

भारत, ब्राजील, जर्मनी और जापान (G4 समूह) ने सुझाव दिया है कि—

  • नए स्थायी सदस्य 15 साल तक वीटो का उपयोग न करें
  • इसके बाद समीक्षा कर निर्णय लिया जाए

क्यों जरूरी है सुधार

भारत का मानना है कि करीब 80 साल पुराना UNSC ढांचा आज की वैश्विक परिस्थितियों के अनुरूप नहीं है और इसमें बदलाव जरूरी है।

 भारत लगातार सुरक्षा परिषद में न्यायपूर्ण और संतुलित प्रतिनिधित्व की मांग करता रहा है।

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