
बिलासपुर अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में कुलपति आचार्य अरुण दिवाकर नाथ बाजपेयी के पदमुक्ति अवसर पर भावभीना विदाई समारोह आयोजित किया गया। विश्वविद्यालय परिवार ने उनके पांच वर्षों के कार्यकाल को याद करते हुए उन्हें सम्मानपूर्वक विदाई दी।
‘स्वर्णकाल’ के रूप में याद किया गया कार्यकाल
समारोह में वक्ताओं ने उनके कार्यकाल को विश्वविद्यालय का “स्वर्णकाल” बताया। इस दौरान—
- कर्मचारियों के वेतनमान में वृद्धि
- पदोन्नति प्रक्रिया में सुधार
- वित्तीय पारदर्शिता
- पुराने भवन से नए परिसर में सफल स्थानांतरण
जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए।
सकारात्मक शैक्षणिक माहौल की स्थापना
प्राध्यापकों और अधिकारियों ने उनके नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने संस्थान में अनुशासन, करुणा और उत्कृष्टता का वातावरण स्थापित किया।
भविष्य के लिए दिए सुझाव
अपने संबोधन में उन्होंने—
- निर्माण कार्यों को गति देने
- शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने
- अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन
पर विशेष जोर दिया।
भावुक विदाई संदेश
अपने संबोधन में उन्होंने कहा—
“मैं पद से मुक्त हो रहा हूं, लेकिन इस विश्वविद्यालय परिवार से नहीं।”
उन्होंने विश्वविद्यालय को केवल प्रशासनिक इकाई नहीं, बल्कि विद्या का आध्यात्मिक केंद्र बताया।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जहां सभी ने उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।


















