
आसन सिटी। भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी अश्मिता चालिहा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बीडब्ल्यूएफ कोरिया मास्टर्स सुपर 300 का महिला सिंगल्स खिताब अपने नाम कर लिया। रविवार को खेले गए फाइनल में उन्होंने चीन की चौथी वरीयता प्राप्त हान कियान शी को हराकर अपने करियर का पहला बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब जीता।
पहला गेम गंवाने के बाद अश्मिता ने जबरदस्त वापसी की और 53 मिनट तक चले मुकाबले में चीनी खिलाड़ी को 14-21, 21-14, 21-14 से शिकस्त दी। पहले गेम में 9-5 की बढ़त गंवाने के बाद उन्होंने अगले दोनों गेम में अपनी सटीकता और आक्रामक खेल के दम पर मुकाबले पर नियंत्रण बना लिया।
पहला बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब
विश्व रैंकिंग में 50वें स्थान पर काबिज अश्मिता के लिए यह जीत उनके करियर की बड़ी उपलब्धि है। इस साल उनका इससे पहले सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन जून में मकाऊ ओपन के सेमीफाइनल तक पहुंचना था, जहां उन्हें दक्षिण कोरिया की पार्क गा यून से हार का सामना करना पड़ा था।
कोरिया मास्टर्स के सेमीफाइनल में अश्मिता ने अपनी ही देश की रक्षिता रामराज को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।
क्वार्टर फाइनल में शीर्ष वरीय खिलाड़ी को हराया
गुवाहाटी की रहने वाली 26 वर्षीय अश्मिता ने पूरे टूर्नामेंट में प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उन्होंने क्वालीफायर मुकाबलों में रिरीना हिरामोतो और किम मिन जी को सीधे गेमों में हराया।
इसके बाद क्वार्टर फाइनल में उन्होंने शीर्ष वरीयता प्राप्त हिना अकेची को कड़े मुकाबले में 20-22, 21-15, 21-19 से मात दी। सेमीफाइनल में रक्षिता रामराज को हराने के बाद उन्होंने फाइनल में भी शानदार प्रदर्शन जारी रखा।
इस साल सुपर 300 खिताब जीतने वाली तीसरी भारतीय
अश्मिता चालिहा इस साल सुपर 300 स्तर का खिताब जीतने वाली तीसरी भारतीय महिला खिलाड़ी बनी हैं। उनसे पहले देविका सिहाग और तन्वी शर्मा ने इस स्तर पर खिताब अपने नाम किए थे।
वहीं, कोरिया मास्टर्स की जीत के साथ अश्मिता इस साल बीडब्ल्यूएफ खिताब जीतने वाली चौथी भारतीय महिला सिंगल्स खिलाड़ी बन गई हैं। उनसे पहले तन्वी शर्मा ने ताइपे ओपन, पीवी सिंधु ने जापान ओपन और देविका सिहाग ने थाईलैंड मास्टर्स का खिताब जीता था।



















