
अहमदाबाद/भोपाल। आतंकवाद विरोधी अभियान के तहत गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने गुजरात और मध्य प्रदेश में संयुक्त कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से कथित रूप से जुड़े 8 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। एजेंसियों को आशंका है कि ये लोग संगठन की गतिविधियों को बढ़ाने और नए नेटवर्क तैयार करने में सक्रिय थे।
कई शहरों में एक साथ छापेमारी, डिजिटल उपकरण जब्त
जानकारी के अनुसार, गुजरात के कई जिलों और मध्य प्रदेश के देवास क्षेत्र में एक साथ छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान संदिग्धों के ठिकानों से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन और कुछ दस्तावेज बरामद किए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इन डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच से कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।
विदेशी संपर्क और ऑनलाइन गतिविधियां जांच के दायरे में
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि संदिग्ध कथित तौर पर विदेश में मौजूद कुछ लोगों के संपर्क में थे। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन संपर्कों का उद्देश्य क्या था और क्या इनके जरिए किसी आतंकी नेटवर्क को मजबूत करने या कट्टरपंथी विचारधारा फैलाने की कोशिश की जा रही थी।
वित्तीय लेन-देन और सोशल मीडिया की भी जांच
एटीएस अधिकारियों के अनुसार, जांच केवल हिरासत में लिए गए संदिग्धों तक सीमित नहीं है। उनके वित्तीय लेन-देन, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य संभावित सहयोगियों की भी गहन जांच की जा रही है। जरूरत पड़ने पर अन्य राज्यों में भी कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल बड़े हमले की योजना की पुष्टि नहीं
सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि सभी संदिग्धों से पूछताछ जारी है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। हालांकि, अब तक किसी बड़े हमले की योजना को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों का कहना है कि पर्याप्त साक्ष्य मिलने और जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क और कथित साजिश से जुड़े तथ्य सामने आएंगे।
गौरतलब है कि मामला अभी प्रारंभिक जांच चरण में है, इसलिए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।


















