ज्ञानेश कुमार को निलंबित करने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल आदेश देने से किया इनकार

0
11

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को निलंबित करने की मांग वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को तत्काल अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया। हालांकि, अदालत ने मामले में केंद्र सरकार, चुनाव आयोग और संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने की सुनवाई

मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने की। पीठ में न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना भी शामिल हैं। अदालत ने इस मामले को CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दायर एक अन्य याचिका के साथ जोड़ दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल CEC को निलंबित करने या उनकी शक्तियां वापस लेने का कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया। अदालत ने कहा कि पहले संबंधित पक्षों के जवाब और मामले से जुड़े रिकॉर्ड देखना जरूरी है।

याचिकाकर्ताओं ने शक्तियां सीमित करने की मांग की

याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने सुनवाई के दौरान कहा कि 2023 के कानून के बाद चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया को लेकर अंतरिम उपायों की जरूरत है। उन्होंने सुनवाई पूरी होने तक CEC की शक्तियां निलंबित या सीमित करने की मांग रखी।

वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी ने भी SIR प्रक्रिया और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े गंभीर सवाल उठाए और चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया पर आपत्ति जताई।

SIR और Form-6 में बदलाव पर भी सवाल

सुनवाई के दौरान विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और Form-6 में किए गए बदलावों का मुद्दा भी उठा। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के कुछ फैसले अन्य चुनाव आयुक्तों की कथित आपत्तियों के बावजूद लिए गए।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इन आरोपों पर फिलहाल कोई निष्कर्ष नहीं दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले के रिकॉर्ड और संबंधित पक्षों के जवाब देखने के बाद ही आगे फैसला लिया जाएगा।

केंद्र और चुनाव आयोग से मांगा जवाब

पीठ ने केंद्र सरकार, चुनाव आयोग, CEC ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू व विवेक जोशी समेत संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि यदि रिकॉर्ड से यह सामने आता है कि कोई फैसला आवश्यक सर्वसम्मति या बहुमत के बिना लिया गया था, तो उसके कानूनी प्रभाव पर आगे विचार किया जा सकता है। फिलहाल अदालत ने मीडिया रिपोर्टों के आधार पर अंतरिम आदेश देने से इनकार किया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here