
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रीय खुफिया निदेशक जे क्लेटन को प्रशासन में AI मामलों की जिम्मेदारी सौंपी है। क्लेटन अब व्हाइट हाउस के एक नए पैनल का नेतृत्व करेंगे, जिसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े जोखिमों और संभावनाओं पर 120 दिनों के भीतर रिपोर्ट तैयार करने का काम दिया गया है।
क्लेटन ने बताया कि ट्रंप ने ‘सुपर इंटेलिजेंस फोर्स’ गठित करने को कहा है। इसका उद्देश्य अमेरिका को उन्नत AI के क्षेत्र में आगे बनाए रखना और साथ ही अमेरिकी नागरिकों के हितों की सुरक्षा करना है।
AI से जुड़े जोखिमों की होगी समीक्षा
नए पैनल की जिम्मेदारी में डेटा चोरी, हैकिंग और AI से जुड़ी अन्य घटनाओं से निपटने के लिए मौजूदा सरकारी रिपोर्टिंग व्यवस्था की समीक्षा करना शामिल है। पैनल संघीय एजेंसियों की प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करने के उपाय भी सुझाएगा।
AI सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
हाल के समय में AI की सुरक्षा को लेकर बहस तेज हुई है। कुछ शोधकर्ताओं ने भविष्य में AI के गंभीर जोखिमों की चेतावनी दी है। वहीं, अमेरिका में दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के कई सांसद AI की सुरक्षा के लिए मजबूत उपायों की मांग कर रहे हैं।
दूसरी ओर, ट्रंप प्रशासन का जोर AI की वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अमेरिका की बढ़त बनाए रखने पर है। चीन के साथ तकनीकी प्रतिस्पर्धा को देखते हुए प्रशासन AI विकास और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है।



















