
ISS के बाहर करेंगे सोलर सिस्टम अपग्रेड और संचार उपकरणों का रखरखाव
नई दिल्ली भारतीय मूल के नासा के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन अगले महीने अपने अंतरिक्ष करियर की पहली स्पेसवॉक (अंतरिक्ष में चहलकदमी) करेंगे। नासा के अनुसार, वह इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) के बाहर निकलकर सोलर एरे को अपग्रेड करने और संचार प्रणाली से जुड़े महत्वपूर्ण उपकरणों को बदलने का काम करेंगे।
तीन चरणों में होगा मिशन
केरल के पलक्कड़ से संबंध रखने वाले अनिल मेनन अपने साथी अंतरिक्ष यात्री जेसिका मीर के साथ 6 अगस्त, 13 अगस्त और 25 अगस्त को निर्धारित तीन स्पेसवॉक में हिस्सा लेंगे। पहले चरण में वे भविष्य के रोल-आउट सोलर एरे (IROSA) की स्थापना के लिए स्पेस स्टेशन को तैयार करेंगे, जिससे स्टेशन को अतिरिक्त विद्युत आपूर्ति मिल सकेगी।
बदला जाएगा कम्युनिकेशन एंटीना
13 अगस्त को होने वाली दूसरी स्पेसवॉक के दौरान दोनों अंतरिक्ष यात्री स्पेस-टू-ग्राउंड कम्युनिकेशन एंटीना को बदलेंगे। यह प्रणाली ह्यूस्टन स्थित नासा मिशन कंट्रोल सेंटर और अंतरिक्ष स्टेशन के बीच डेटा एवं हाई-स्पीड संचार का प्रमुख माध्यम है।
नेविगेशन और पावर सिस्टम का होगा उन्नयन
25 अगस्त को होने वाली तीसरी स्पेसवॉक में पावर चैनल केबल और डेटा रिले सिस्टम जोड़े जाएंगे। साथ ही हार्मनी मॉड्यूल के फॉरवर्ड पोर्ट पर अंतरिक्ष यानों की डॉकिंग में उपयोग होने वाले नेविगेशन उपकरणों को भी बदला जाएगा।
आठ महीने तक अंतरिक्ष में रहेंगे अनिल मेनन
अनिल मेनन 14 जुलाई को सोयुज MS-29 अंतरिक्ष यान के जरिए इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पहुंचे थे। वे करीब आठ महीने तक अंतरिक्ष में रहकर वैज्ञानिक प्रयोगों और तकनीकी परीक्षणों में भाग लेंगे। हाल ही में उन्होंने अंतरिक्ष से स्पेसएक्स के स्टारबेस की तस्वीर भी साझा की थी।

















