महासमुंद में मानव तस्करी के कथित नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई, 10 ठिकानों पर छापे; 1.48 करोड़ रुपये नकद जब्त

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महासमुंद पुलिस ने मानव तस्करी और अवैध श्रमिक परिवहन से जुड़े कथित संगठित नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने छत्तीसगढ़ और ओडिशा में करीब 10 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। कार्रवाई के दौरान 1 करोड़ 48 लाख 54 हजार 750 रुपये नकद, बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन और कई दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

अस्पताल मेमो से शुरू हुई जांच

पुलिस के मुताबिक, एक नाबालिग के शारीरिक शोषण और गर्भवती होने से संबंधित अस्पताल मेमो मिलने के बाद मामले की जांच शुरू हुई। जांच आगे बढ़ने पर श्रमिकों को दूसरे राज्यों में भेजने वाले कथित नेटवर्क और नाबालिगों से जुड़े मामलों के सुराग मिले।

तलाशी के दौरान पुलिस को मजदूर पलायन से संबंधित रजिस्टर और डायरी समेत बैंकिंग और डिजिटल रिकॉर्ड मिले हैं। पुलिस इन दस्तावेजों और मोबाइल फोन में मिले साक्ष्यों की जांच कर रही है।

एडवांस रकम देकर मजदूरों को ले जाने का आरोप

पुलिस की प्रारंभिक जांच में आरोप है कि नेटवर्क से जुड़े लोग आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों और मजदूरों को अग्रिम रकम देकर अपने संपर्क में लाते थे। इसके बाद उन्हें दूसरे राज्यों में ईंट-भट्ठों में काम के लिए भेजा जाता था।

पुलिस कथित बंधुआ मजदूरी, मजदूरों के लंबे समय तक काम करने और अग्रिम राशि के दबाव से जुड़े आरोपों की भी जांच कर रही है। नाबालिगों को मजदूरी के लिए दूसरे राज्यों में ले जाने और उनके कथित शोषण से जुड़े मामलों की भी पड़ताल की जा रही है।

यूपी समेत दूसरे राज्यों तक नेटवर्क की जांच

पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में नेटवर्क के जरिए हर साल बड़ी संख्या में मजदूरों को उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों के ईंट-भट्ठों में भेजे जाने के संकेत मिले हैं। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क के जरिए कितने मजदूरों को दूसरे राज्यों में भेजा गया और इसमें कितने लोग शामिल हैं।

पांच आरोपियों की गिरफ्तारी

पुलिस ने मुकेश चंद्राकर, लता सबर/संवर, नंदू मोहंती, पीयूष अग्रवाल और मनीष गुप्ता को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी है। पुलिस के मुताबिक, ओडिशा के बेलटुकरी निवासी मुकेश चंद्राकर को नेटवर्क का प्रमुख आरोपी बताया जा रहा है।

हालांकि, शुरुआती मीडिया रिपोर्टों में आरोपियों की संख्या और नामों को लेकर कुछ अंतर सामने आया है। ऐसे में मामले की पूरी स्थिति पुलिस की अंतिम आधिकारिक जानकारी के बाद ही स्पष्ट होगी।

खल्लारी थाने में मामला दर्ज

मामले में खल्लारी थाना में अपराध क्रमांक 104/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने BNS की धारा 143(2), 143(3), 143(4), 3(5) और संगठित अपराध से संबंधित धारा 111 के तहत कार्रवाई की है।

पुलिस अब मोबाइल CDR, बैंक खातों और जब्त दस्तावेजों की जांच के जरिए नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका तलाश रही है। साथ ही दूसरे राज्यों में भेजे गए मजदूरों की संख्या और नाबालिगों से जुड़े मामलों में अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच जारी है।

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