
जयपुर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने वर्षा ऋतु के दौरान फैलने वाली मौसमी बीमारियों की रोकथाम, नियंत्रण और उपचार व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य भवन में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में तैयारियों का जायजा लिया। बैठक में डेंगू, मलेरिया, स्क्रब टाइफस, वायरल बुखार और जलजनित रोगों से निपटने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन को समय पर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अस्पतालों में पर्याप्त दवाइयों, जांच किट, बेड, ऑक्सीजन, जरूरी उपकरणों और चिकित्सकीय स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।
गजेन्द्र सिंह खींवसर ने संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी, मरीजों की शीघ्र पहचान और त्वरित उपचार के लिए विशेष टीमों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए। साथ ही जिला स्तर पर कंट्रोल रूम को प्रभावी रूप से संचालित करने पर जोर दिया।
उन्होंने जयपुर, कोटा, अजमेर, उदयपुर और सवाई माधोपुर में डेंगू, प्रतापगढ़, सलूम्बर, बाड़मेर, उदयपुर और बांसवाड़ा में मलेरिया तथा कोटा, बूंदी, बारां, जयपुर और झालावाड़ में स्क्रब टाइफस की विशेष निगरानी के निर्देश दिए।
मंत्री ने साफ-सफाई, फॉगिंग, एंटी-लार्वा गतिविधियों और पेयजल की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा। साथ ही स्थानीय निकायों के सहयोग से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए, ताकि लोग जलभराव रोकने और स्वच्छता बनाए रखने के प्रति जागरूक रहें।
बैठक में सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों की विद्युत एवं अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने सभी संस्थानों में नियमित फायर ऑडिट, फायर अलार्म सिस्टम, अग्निशमन यंत्र और इमरजेंसी एग्जिट की कार्यशीलता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही समय-समय पर मॉक ड्रिल आयोजित कर कर्मचारियों को आपदा प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित करने पर भी जोर दिया।



















