
रायपुर राजधानी रायपुर के रिलायंस ज्वेलर्स में लाखों रुपये के सोने के आभूषणों की सुनियोजित हेराफेरी का मामला सामने आया है। मामले में थाना गोलबाजार पुलिस ने पूर्व कर्मचारी मनोज यादव को गिरफ्तार किया है। आरोपी की निशानदेही पर करीब 80 ग्राम सोने के आभूषण, जिनकी अनुमानित कीमत ₹14.50 लाख है, बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, रिलायंस ज्वेलर्स के स्टोर मैनेजर की शिकायत पर थाना गोलबाजार में मामला दर्ज किया गया। जांच में सामने आया कि 22 कैरेट सोने के लगभग 103.832 ग्राम वजन के तीन सेट (पांच नग) कंगनों की जगह समान वजन और डिजाइन के नकली कंगन रख दिए गए थे, जिससे कंपनी को करीब ₹17.50 लाख का नुकसान हुआ।

दस्तावेजी साक्ष्यों, स्टॉक ऑडिट और तकनीकी जांच के आधार पर संदेह स्टोर के पूर्व कर्मचारी मनोज यादव पर गया। शुरुआत में आरोपी पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन गहन पूछताछ के दौरान उसने हेराफेरी की बात स्वीकार कर ली।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह 2017 से रिलायंस ज्वेलर्स में कार्यरत था और स्टोर की कार्यप्रणाली से अच्छी तरह परिचित था। आर्थिक तंगी और कर्ज के दबाव में उसने पहले ग्राहकों की जमा राशि का निजी उपयोग किया। बाद में ग्राहकों की मांग पूरी करने के लिए स्टोर से असली सोने के कंगन निकालकर उनकी जगह नकली कंगन रख दिए।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी कंपनी की अधिकृत मेल्टिंग प्रक्रिया का फायदा उठाकर आधिकारिक यूनिफॉर्म में सोना गलवाता था और उसे अलग-अलग लेन-देन में इस्तेमाल करता था। पुलिस के अनुसार, उसने दो महिला ग्राहकों के साथ भी धोखाधड़ी की और फर्जी बिलों के जरिए आभूषण देकर वास्तविक स्थिति छिपाने का प्रयास किया।
रिलायंस ज्वेलर्स से सत्यापन में बिल फर्जी पाए गए, जिसके बाद मामले में संबंधित धाराएं भी बढ़ाई गईं।
मोबाइल की जांच में पुलिस को यह भी पता चला कि आरोपी गिरफ्तारी, जमानत और पुलिस पूछताछ से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन तथा AI आधारित प्लेटफॉर्म के माध्यम से खोज रहा था।
आरोपी की निशानदेही पर रेडमी कंपनी का मोबाइल फोन और करीब 80 ग्राम सोने के आभूषण बरामद किए गए हैं। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
**पुलिस का कहना है कि मामले में आर्थिक लेन-देन, अन्य संभावित पीड़ितों और किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता की जांच अभी जारी है।**











