19 दिसंबर तक सदन में मौजूद रहने के निर्देश
नई दिल्ली । संसद का शीतकालीन सत्र जारी है। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी ने अपने सभी सांसदों के लिए व्हिप जारी किया है। पार्टी ने निर्देश दिया है कि 15 से 19 दिसंबर तक सभी सांसद सदन में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। माना जा रहा है कि इस अवधि में कई अहम विधेयकों और महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा और निर्णय लिए जा सकते हैं।
शीतकालीन सत्र के समापन में अब कुछ ही दिन शेष हैं। सत्र के शुरुआती दिनों में लोकसभा और राज्यसभा में हंगामे के चलते कार्यवाही बाधित रही, जिससे विधायी कामकाज प्रभावित हुआ। हालांकि बीते कुछ दिनों से सदन की कार्यवाही अपेक्षाकृत सुचारु रही है, लेकिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक लगातार देखने को मिल रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने अपने सांसदों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए व्हिप जारी किया है।
आज लोकसभा में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। सदन में समिति की अहम रिपोर्टें पेश की जाएंगी। इसके अलावा मंत्रियों के वक्तव्य, वर्ष 2025-26 के लिए अनुदानों की पूरक मांगें और विनियोग (संख्या 4) विधेयक 2025 पर विचार किया जाएगा।
लोकसभा की कार्यवाही की शुरुआत प्रश्नकाल से होगी। इसके बाद लोक लेखा समिति की वर्ष 2025-26 से संबंधित रिपोर्टें सदन के पटल पर रखी जाएंगी। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल और वाईएसआर कांग्रेस के मगंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी प्रोत्साहन और भत्तों के अनियमित अनुदान से जुड़ी 34वीं रिपोर्ट और राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम पर पीएसी की 142वीं रिपोर्ट में दी गई सिफारिशों पर सरकार की कार्रवाई से संबंधित 35वीं रिपोर्ट पेश करेंगे।
इस बीच कांग्रेस पार्टी ने भी कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है, जिससे सदन में बहस और तेज होने के आसार हैं।
व्हिप क्या होता है?
व्हिप संसद या विधानसभा में किसी राजनीतिक दल द्वारा अपने सांसदों या विधायकों को जारी किया गया आधिकारिक निर्देश होता है। इसके तहत पार्टी यह तय करती है कि किसी विशेष दिन सदन में उपस्थित रहना, चर्चा में भाग लेना या किसी प्रस्ताव के पक्ष या विपक्ष में मतदान करना अनिवार्य होगा। व्हिप का उल्लंघन करने पर दल की ओर से कार्रवाई भी की जा सकती है।





















