
रायपुर छत्तीसगढ़ में नकली दवाओं के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
कैसे खुला मामला
कुछ समय पहले नागपुर गोल्डन ट्रांसपोर्ट, गोगांव से नकली दवाओं की बड़ी खेप जब्त की गई थी। इसी की जांच के दौरान सप्लाई चेन से जुड़े लोगों की पहचान हुई।
गिरफ्तार आरोपी
जांच में सामने आए तीन आरोपियों को रायपुर से गिरफ्तार किया गया—
- रोचक अग्रवाल (इंदौर)
- सुरेंद्र कामनानी (भाटापारा)
- खेमराज बानी (सारंगढ़)
छापेमारी में मिले अहम सुराग
सारंगढ़ के एक मेडिकल स्टोर में छापेमारी के दौरान नकली दवाओं के भंडारण और सप्लाई से जुड़े अहम सबूत मिले थे। इन्हीं के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी गईं।
कई राज्यों तक फैला हो सकता है नेटवर्क
प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह अवैध कारोबार अंतरराज्यीय स्तर पर फैला हुआ हो सकता है। पुलिस और विभाग अब अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटे हैं।
सख्त कार्रवाई की चेतावनी
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और अभियान आगे भी जारी रहेगा।
लोगों से अपील
- दवाएं हमेशा अधिकृत मेडिकल स्टोर से ही खरीदें
- संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत सूचना दें
नकली दवाएं न सिर्फ गैरकानूनी हैं, बल्कि लोगों की जान के लिए भी बड़ा खतरा हैं।



















