RBI के फैसले से होम लोन ग्राहकों को राहत, EMI पर फिलहाल नहीं बढ़ेगा बोझ

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नई दिल्ली घर खरीदने की योजना बना रहे लोगों और मौजूदा होम लोन धारकों के लिए राहत की खबर है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी नवीनतम मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखने का फैसला किया है। इससे होम लोन की ब्याज दरों और मासिक किस्त (EMI) पर तत्काल अतिरिक्त दबाव बढ़ने की संभावना फिलहाल टल गई है।

रेपो रेट वह दर होती है जिस पर आरबीआई बैंकों को ऋण उपलब्ध कराता है। रेपो रेट में बढ़ोतरी होने पर बैंकों की उधारी लागत बढ़ती है, जिसका असर होम लोन, ऑटो लोन और अन्य कर्जों की ब्याज दरों पर पड़ता है। आरबीआई द्वारा दरों को यथावत रखने और नीतिगत रुख को तटस्थ बनाए रखने से ऋण बाजार में स्थिरता बनी रहने की उम्मीद है।

सरकारी बैंकों में आकर्षक ब्याज दरें

देश के कई सरकारी बैंक प्रतिस्पर्धी दरों पर होम लोन उपलब्ध करा रहे हैं।

  • बैंक ऑफ इंडिया और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में होम लोन की शुरुआती ब्याज दर 7.10 प्रतिशत है।
  • इंडियन ओवरसीज बैंक नौकरीपेशा ग्राहकों को 7.10 प्रतिशत से लोन दे रहा है।
  • यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शुरुआती दर 7.15 प्रतिशत है।
  • बैंक ऑफ बड़ौदा 7.20 प्रतिशत से 9.25 प्रतिशत तक की दरों पर होम लोन प्रदान कर रहा है।
  • स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में ब्याज दरें 7.25 प्रतिशत से शुरू होती हैं।
  • केनरा बैंक की शुरुआती दर भी 7.25 प्रतिशत है।

निजी बैंकों में भी प्रतिस्पर्धा

निजी क्षेत्र के बैंक भी ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए विभिन्न विकल्प उपलब्ध करा रहे हैं।

  • आईसीआईसीआई बैंक की शुरुआती दर 7.50 प्रतिशत है।
  • कोटक महिंद्रा बैंक 7.60 प्रतिशत से होम लोन दे रहा है।
  • एचडीएफसी बैंक की शुरुआती दर 7.75 प्रतिशत है।
  • एक्सिस बैंक में ब्याज दरें 8 प्रतिशत से शुरू होकर ग्राहक की प्रोफाइल के आधार पर 11.90 प्रतिशत तक जा सकती हैं।

केवल ब्याज दर ही नहीं, अन्य शर्तें भी महत्वपूर्ण

वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि होम लोन लेते समय केवल कम ब्याज दर को आधार नहीं बनाना चाहिए। प्रोसेसिंग फीस, प्री-पेमेंट और फोरक्लोजर शुल्क, लोन अवधि तथा अन्य शर्तें भी कुल लागत को प्रभावित करती हैं। कई मामलों में थोड़ी अधिक ब्याज दर वाला लोन बेहतर सुविधाओं के कारण अधिक लाभदायक साबित हो सकता है।

अच्छा क्रेडिट स्कोर दिला सकता है सस्ता लोन

विशेषज्ञों के अनुसार बेहतर सिबिल (CIBIL) स्कोर रखने वाले ग्राहकों को कम ब्याज दर पर ऋण मिलने की संभावना अधिक होती है। इसलिए होम लोन के लिए आवेदन करने से पहले अपनी क्रेडिट प्रोफाइल मजबूत रखना फायदेमंद माना जाता है।

आरबीआई के फैसले के बाद फिलहाल होम लोन बाजार में स्थिरता बनी हुई है। ऐसे में घर खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए विभिन्न बैंकों की ब्याज दरों और शर्तों की तुलना कर सही विकल्प चुनने का यह उपयुक्त समय माना जा रहा है।

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