
भारतीय वायुसेना में बड़े नेतृत्व परिवर्तन के तहत एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने वाइस चीफ ऑफ द एयर स्टाफ (उप वायुसेनाध्यक्ष) का पदभार संभाल लिया है। उन्होंने एयर मार्शल नागेश कपूर का स्थान लिया, जो लगभग 40 वर्षों की सेवा के बाद 30 जून को सेवानिवृत्त हुए।
एयर मार्शल दीक्षित भारतीय वायुसेना के अनुभवी फाइटर पायलटों में गिने जाते हैं। उन्हें 6 दिसंबर 1986 को वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन मिला था और उनके पास 3,500 घंटे से अधिक उड़ान अनुभव है।
अपने सैन्य करियर के दौरान उन्होंने कई अहम अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इनमें कारगिल युद्ध का ऑपरेशन सफेद सागर, ऑपरेशन रक्षक, कोप इंडिया और हालिया ऑपरेशन सिंदूर शामिल हैं।
पदभार संभालने से पहले एयर मार्शल दीक्षित सेंट्रल एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ रहे। उन्होंने मुख्यालय एकीकृत रक्षा स्टाफ में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं और तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय को मजबूत करने में योगदान दिया।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, एयर मार्शल दीक्षित ने मिराज-2000, मिग श्रृंखला, जगुआर, एएन-32, हॉक, आईएल-78 और तेजस समेत कई सैन्य विमानों का संचालन किया है। वे एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट और योग्य उड़ान प्रशिक्षक भी हैं।
वायुसेना में उनकी नियुक्ति को रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिससे भविष्य में भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमता और नेतृत्व को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।



















